शहरी आबादी और क्षेत्र में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने ग्राम समाज की भूमि को निशुल्क नगर निकायों को देने का फैसला किया है। इसके तहत शहरी क्षेत्र में पेयजलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, ठोस कूड़ा प्रबंधन, नगरीय परिवहन सेवा का विस्तार और विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना जैसे अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए नगर विकास विभाग को ग्राम समाज की भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। यह व्यवस्था 2024 तक प्रभावी रहेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सरकार ने जून-2011 में नगर विकास विभाग को अवस्थापना विकास के लिए ग्राम समाज की भूमि दिए जाने की व्यवस्था पांच साल के लिए लागू किया था। जिसकी अवधि 17 जून 2016 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद सरकार ने नगर विकास विभाग को सेवारत विभाग की श्रेणी में रखते हुए 7 मार्च को जो आदेश जारी किया था, उसमें सिर्फ स्वच्छ भारत मिशन के मुख्य घटक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ही ग्राम समाज की जमीन निशुल्क दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
इस वजह से अवस्थापना विकास से संबंधित अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि न मिलने में दिक्कत आ रही थी। इसके मद्देनजर ही नगर विकास विभाग ने पिछले सप्ताह में अन्य परियोजनाओं के लिए भी ग्राम समाज की भूमि निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।