प्रापर्टी डवलपमेंट के लिए एलएमआरसी को जमीन कहां दी जाए, इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर अभी नहीं लग सकी है।
फिलहाल मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बनाई गई हाईपावर कमेटी की बैठक में चक गंजिरया में 153 एकड़ भूमिक की डिमांड की गई थी।
प्रमुख सचिव आवास इससे पूरी तरह सहमत नहीं हैं। ऐसे में बहुत संभव है कि आवास विभाग चक गंजरिया की भूमि के महत्व को देखते हुए आवास विकास परिषद की अवध विहार योजना में ही एलएमआरसी को जगह दे दे।
इस बारे में जल्दी फैसला होने की उम्मीद है। एलएमआरसी मेट्रो के लिए लिए जाने वाले करीब 1700 करोड़ रुपये के ऋण भुगतान के लिए आवासीय योजना लाएगा और कॉमर्शियल भूमि बेचेगा।
इसके लिए चक गंजरिया में 153 एकड़ भूमि देने की सिफरिश की गई है। इस प्रस्ताव एचपीसी ने अपनी मुहर लगा दी। इस स्कीम के तहत करीब एक लाख लोगों को आवास मिल सकेंगे। यह भूमि फिलहाल एलडीए के लिए आरक्षित है।
करीब 526 एकड़ भूमि प्राधिकरण के पास है, जिसमें से 150 एकड़ एलएमआरसी को कैबिनेट की मर्जी के बाद मिलेगी।
वित्त मंत्रालय ने फाइनेंशियल इंटरनल रेट ऑफ रेवेन्यू को चार फीसदी से बढ़ा कर 8.28 फीसदी करने के लिए कहा था। इसलिए इस भूमि के जरिए एलएमआरसी राजस्व अर्जित करेगा।
इस संबंध में प्रमुख सचिव आवास सदाकांत की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन गुरुवार को किया जाना था मगर कैबिनेट की मीटिंग अधिक देर तक होने की वजह से भूमि के संबंध में मीटिंग नहीं की जा सकी।
बैठक के एजेंडे को लेकर प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने साफ किया कि यह जरूरी नहीं है कि भूमि चक गंजरिया परिक्षेत्र की ही दी जाए।
इसके लिए अवध विहार योजना भी एक विकल्प के तौर पर सामने है। हम वहां भी जमीन दे सकते हैं। इस पर फैसला जल्द होगा।