भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी
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अयोध्या ढांचा ध्वंस मामले में शुक्रवार को वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के बयान दर्ज किए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सीबीआई की विशेष अदालत में आडवाणी ने खुद को निर्दोष बताया। कहा कि पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है और उन्हें पूर्व की केंद्र सरकार के इशारे पर फंसाया गया है।
आडवाणी विशेष न्यायाधीश एसके यादव के सामने पेश हुए। कहा कि सीबीआई के सभी आरोप निराधार हैं। पेश किए गए गवाह झूठे हैं। जो कैसेट कोर्ट में दिए गए, उनसे छेड़छाड़ की गई। समाचार पत्रों में छपी खबरें काट छांट कर विवेचना में शामिल की गई हैं। जिन फोटोग्राफ को साक्ष्य का आधार बताया जाता है उनके नेगेटिव कोर्ट में दाखिल नहीं किए गए हैं। कहा कि सीबीआई ने राजनीतिक दबाव में गलत ढंग एवं झूठे साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया है। राजनीतिक द्वेष के कारण उन पर पूरा मामला झूठा चलाया गया है।
इसके पहले गुरुवार को भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी का बयान विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव की कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दर्ज किया गया। जोशी ने अपने बयान में कहा कि वे निर्दोष हैं। पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। उन्हें फर्जी फंसाया गया है।
जोशी से कुल 1050 प्रश्न पूछे गए लेकिन ज्यादातर सवालों के जवाब में उन्होंने मामले को राजनीति से प्रेरित होना बताया। कहा कि गवाहों ने झूठे बयान दर्ज कराए। सुबूत के तौर पर अदालत में दाखिल किए गए समाचार पत्रों की खबरों का खंडन करते हुए जोशी ने कहा है कि गलत खबरों को विवेचना में शामिल किया गया है।
साक्ष्य में दाखिल वीडियो कैसेट को भी फर्जी बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे छेड़छाड़ हुई है। राजनीतिक दबाव में गलत ढंग से विवेचना कर झूठे साक्ष्य संकलित किए। जोशी ने कहा है कि वे अपने को निर्दोष साबित करने के लिए समय आने पर साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।
बता दें कि विशेष न्यायाधीश एस के यादव ने अपने आदेश में बयान दर्ज करने की तारीख तय की थी। वहीं, 22 जुलाई को अदालत में सतीश प्रधान का भी बयान दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को विशेष अदालत में आरोपी सुधीर कक्कड़ का बयान दर्ज किया गया था। वह व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए थे।