लखनऊ। कहीं रणभूमि में राम-रावण के बीच निर्णायक युद्ध छिड़ा तो कहीं मेघनाथ के शक्तिबाण से लक्ष्मण मूर्छित हुए। किसी मंच पर हनुमानजी संजीवनी लेकर पहुंचे तो कहीं अहिरावण की मायावी पातालपुरी में राम-लक्ष्मण को ले जाने का प्रसंग जीवंत हुआ। सोमवार को राजधानी की रामलीलाओं में युद्ध, वीरता, भक्ति और भावनाओं के ऐसे ही दृश्य दर्शकों को बांधे रहे।
एलडीए कॉलोनी में शक्तिबाण, संजीवनी और मेघनाथ वध के प्रसंग छाए रहे। वहीं आलमबाग रेलवे रामलीला में हनुमान-मकरध्वज संवाद, पाताल विजय, अहिरावण वध और रावण वध का मंचन हुआ। रावण के दस शीश का दृश्य खास आकर्षण रहा। सेक्टर-ए सीतापुर रोड योजना कॉलोनी में हनुमानजी के लंका दहन और अंगद के रावण दरबार में पैर जमाकर चुनौती देने के दृश्य पर खूब तालियां बजीं। महानगर रामलीला में लक्ष्मण-मेघनाथ युद्ध, संजीवनी और कुंभकरण वध के साथ अंगद-रावण संवाद और राम-रावण युद्ध का प्रभावशाली मंचन हुआ। महानगर रामलीला कमेटी के महेंद्र पंत ने बताया कि मंगलवार को महानगर में दशहरे का मेला लगेगा साथ ही रावण-मेघनाथ पुतलों का दहन होगा। चिनहट में श्री जीवन सुधार रामायणी सभा की ओर से मंचित 90वीं रामलीला में विभीषण की शरणागति, अंगद-रावण संवाद और रामेश्वरम की स्थापना का दृश्य दिखाया गया।
रामलीलाओं का मंचन करते कलाकार
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