शुक्रवार को लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की जमानत अर्जी पर बहस पूरी हो गई। इसके बाद जस्टिस कृष्ण पहल की एकल पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में शुक्रवार को लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की जमानत अर्जी पर बहस पूरी हो गई। इसके बाद जस्टिस कृष्ण पहल की एकल पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
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सुनवाई में अभियुक्त पक्ष की ओर से कहा गया कि अभियोजन का दावा है कि आशीष मिश्रा ने ड्राइवर को भीड़ पर गाड़ी चढ़ाने के लिए उकसाया जबकि अभियोजन का कोई गवाह थार गाड़ी में मौजूद नहीं था। वहीं मौके पर गाड़ियों के सायरन और लोगों की भीड़ की वजह से काफी शोर था। ऐसे में यह विश्वास नहीं किया जा सकता है कि अभियोजन के किसी गवाह ने अभियुक्त को अपने ड्राइवर को गाड़ी चढ़ाने के लिए कहते हुए सुना हो। दरअसल घटना के वक्त आशीष दंगल में मौजूद था। इस संबंध में यह दावा किया गया कि 197 स्थानीय लोगों ने शपथ पत्र देकर इसकी पुष्टि जांच एजेंसी के समक्ष की है।