सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के साथ जुल्म हो रहा है। सरकार सच सामने नहीं आने देना चाहती। किसानों पर इतना अत्याचार और उत्पीड़न कभी नहीं हुआ। उन्होंने पूरे मामले में केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री और उस कार्यक्त्रस्म में शामिल होने के लिए गए उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि किसानों की हत्या हुई है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। मांग की कि दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो। पीड़ित किसानों के परिजनों को दो- दो करोड़ रूपए मुआवजे में दिए जाए। घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को किसानों के परिजनों से मिलने से रोकना हिटलरशाही है। आय दुगनी करने का वादा करने वाली यह सरकार असफल है। उन्होंने कहा कि किसानों के खिलाफ भाजपा काला कानून क्यों लाई है? सरकार के लोग किसानों को आतंकवादी और मवाली कहकर अपमानित कर रहे हैं। भाजपा शासन में कानून व्यवस्था ध्वस्त है। भाजपा तानाशाही कर रही है। जनता की आवाज दबाई जा रही है। सरकारी मशीनरी विपक्ष का दमन कर रही है। पुलिस प्रशासन सरकार का मोहरा बन गया है।