‘मेरा बेटा वापस नहीं ला सकते तो मुझे मौत दे दो....।’ यह गुहार है उस मां की जिसका बेटा पिछले ढाई महीने से लापता है। अगवा बेटे की बरामदगी के लिए वह डीजीपी तक से गुहार लगा चुकी है। अब दुखियारी मां ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर 26 जनवरी को परिवार सहित इच्छा मृत्यु मांगी है।
लखनऊ में निगोहां के गांव शेखपुर लवल की रहने वाली रामप्यारी का आरोप है कि दबंगों ने उसके 14 वर्षीय बेटे सौरभ को जबरन अपने ढाबे पर रखा, मारपीट कर बंधक बनाकर पांच माह तक अपने होटल में काम कराया। जानकारी होने पर बेटे सौरभ को दबंगों के चंगुल से छुड़ाकर 15 अक्तूबर 2018 को घर ले आई।
अगले दिन दबंगों ने घर आकर सौरभ को जबरन कार में बैठाया और अगवा कर ले गए। रामप्यारी ने थाने में शिकायत की। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज करके चलता कर दिया। इसके बाद रामप्यारी ने मुख्यमंत्री, डीजीपी व अन्य अधिकारियों से गुहार लगाई।
सिपाही घर पर फेंक गया 10 हजार रुपये
मां ने पत्र लिख मांगी मौत
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उसका कहना है कि मंगलवार को सीडीओ ने सीओ को मामले की गंभीरता से जांचकर दोषियों पर कार्रवाई व किशोर की बरामदगी के निर्देश दिए। सीओ राजकुमार शुक्ला ने बताया कि पूरे मामले की जांच निगोहां थानाध्यक्ष कर रहे हैं ,जल्द बच्चे की बरामदगी के आदेश दिए गए हैं। रामप्यारी ने राष्ट्रपति व सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परिवार सहित 26 जनवरी को इच्छा मृत्यु दिये जाने की मांग की है।
रामप्यारी का कहना है कि थाने के एक सिपाही ने उनके घर आकर 10 हजार रुपये सामने फेंके। कहा कि यह तुम्हारे बेटे की मजदूरी है। सुलह कर लो। इनकार करने पर भड़क गया और रकम छोड़कर चला गया।