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'साहब... दुष्कर्म पीड़िताओं के मेडिकल में डॉक्टर करती हैं आनाकानी'

Wed, 07 Mar 2018 04:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पुलिसकर्मी व पुरस्कार पाने वाली महिला कर्मी - फोटो : amar ujala
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साहब... हमलोग दुष्कर्म पीड़िताओं का मेडिकल कराने अस्पताल जाते हैं तो वहां की डॉक्टर जांच करने के बजाए टालमटोल करने लगती हैं। उनकी कोशिश रहती है कि किसी तरह शिफ्ट बदल जाए और वह कानूनी प्रक्रिया से बच जाएं। डॉक्टरों के इस रवैए के कारण हम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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यहां तक कि कभी-कभी तो पीड़िता को वापस लाना पड़ता है। दूसरे दिन फिर वही रवैया रहता है। इस समस्या का कैसे निदान करें। यह सवाल महिला पुलिसकर्मियों ने एएसपी पूर्वी और सीओ हजरतगंज से थाने में आयोजित चौपाल में उठाया। इस पर एएसपी पूर्वी और सीओ हजरतगंज ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल और मजिस्ट्रियल बयान 24 घंटे में दर्ज कराना अनिवार्य है।

इसमेें हो रही देरी के कारण को जीडी (रोजनामचा) में दर्ज करें। वहीं जरूरत पड़े तो आईपीसी की 166-बी के तहत डॉक्टर केखिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करें। आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। इसके तहत डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने तीन दिन तक थाना स्तर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्देश दिया है।
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इसके तहत हर महिला पुलिसकर्मी की दिक्कतों की सुनवाई थाने में चौपाल लगाकर पहले दिन मंगलवार को की गई। हजरतगंज थाने में आयोजित चौपाल में एएसपी पूर्वी सर्वेश मिश्रा, सीओ हजरतगंज अभय मिश्रा, इंस्पेक्टर आनंद शाही, महिला थाना इंस्पेक्टर शारदा चौधरी, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अखिलेश पांडेय ने सुनवाई की। इस दौरान दुष्कर्म पीड़िताओं के मेडिकल में अस्पताल के डॉक्टरों के रवैए पर महिला पुलिस कर्मियों ने सवाल उठाए तो वहीं अन्य समस्याओं पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई।

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ट्विटर और विकल्प पोर्टल पर करें शिकायत

डेमो
एएसपी पूर्वी ने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों को हर वक्त चौकन्ना रहना होगा। वह आते-जाते वक्त इस बात पर नजर रखें कि रास्ते में भी किसी युवती या महिला के साथ छेड़छाड़ और अन्य कोई वारदात न हो। रास्ते में भी अगर कोई पीड़िता मिलती है तो उसकी मदद करें।

अपने मोबइल नंबर के साथ अन्य अधिकारियों के सीयूजी नंबर भी उपलब्ध कराएं। उसे वीमेन पावर लाइन 1090 और 100 डायल जैसे हेल्पलाइन नंबर जरूर दें। साथ ही उसे इन नंबरों के बारे में पूरी जानकारी दें और कैसे काम करतें है इसके बारे में बताएं। अगर कोई पीड़िता अवकाश के दिनों में भी कॉल करती है तो उसकी पीड़ा सुने और संबंधित अधिकारी को जानकारी दें।

एएसपी ट्रांसगोमती कार्यालय में लगी चौपाल के दौरान एएसपी ट्रांसगोमती हरेन्द्र कुमार ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामले में पुलिसकर्मियों को संवेदनशील होने की जरूरत है। महिलाओं को हर अपराध के खिलाफ मुखर होने को प्रेरित करें। महिलाओं को ट्वीटर सेवा, विकल्प पोर्टल के बारे में भी बताएं।

घरेलू हिंसा, रास्ते में छेड़छाड़, स्कूल और कार्यालय में हो रही बदसलूकी की शिकायत जरूर करें। इस दौरान सीओ महानगर अनुराग सिंह, इंस्पेक्टर विकास पांडेय, क्षेत्र केसभी थानों की एक-एक महिला एसआई, कांस्टेबल, एंटी रोमियो के  स्क्वॉयड की महिला पुलिसकर्मी शामिल रही।
 
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