बेटी साक्षी के जन्मदिन पर टीका करती मां (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
लखनऊ के मड़ियांव में गृहकलह से क्षुब्ध एक महिला ने मंगलवार शाम सुसाइड नोट लिखा। कमरा भीतर से बंद कर दो बच्चों समेत फांसी लगा ली। पड़ोसी की बेटी ने चौराहे पर सब्जी का ठेला लगाए पति को सूचना दी। उसने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़कर तीनों को फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टर पांच साल के बेटे की जान बचा सके। महिला और तीन साल की बेटी को मृत घोषित कर दिया। क्षेत्राधिकारी अलीगंज दीपक कुमार सिंह ने बताया कि मड़ियांव के गांव सरसा मुबारकपुर में किराए पर रहने वाले सब्जी विक्रेता रमेश सोनी की पत्नी चित्रा सोनी उर्फ बरखा (28) ने मंगलवार शाम पांच वर्षीय बेटे अनुग्रह व तीन वर्षीय बेटी साक्षी के साथ फांसी लगा ली।
सूचना पर रमेश ने तीनों को बीकेटी के साढ़ामऊ अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने चित्रा और साक्षी को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद अनुग्रह ने अपने पिता और पुलिस को बताया कि मां ने पहले उसकी पिटाई की और बाद में फंदे पर लटका दिया था।
बुआ के घर से लौटने पर हुआ था झगड़ा
अनुग्रह और रमेश
- फोटो : amar ujala
पुलिस को कमरे में दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला। इसमें चित्रा ने पति के किसी और से संबंधों का उल्लेख किया था। उसने लिखा कि ‘मैं अपनी जिंदगी से हार मान चुकी हूं। इसलिए अब मैं जीना नहीं चाहती।’ प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कहा कि रायबरेली के हरचंदपुर के मूल निवासी रमेश ने बताया कि वर्ष 2013 में उसकी शादी बाराबंकी के सफदरगंज की चित्रा से हुई थी।
जूनियर हाईस्कूल तक पढ़ाई के बाद सब्जी बेचने का काम करता था, जबकि चित्रा परास्नातक थी। परिवार में मां रेनू और भाई शिवम हैं। पुलिस मायके वालों का इंतजार कर रही है। तहकीकात में खुलासा हुआ कि चित्रा सोमवार को बालागंज में रहने वाली अपनी बुआ के घर गई थी। वहां से शाम को लौटने पर पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ।
एक सप्ताह पहले मनाया था बेटी का जन्मदिन
तीन वर्षीय सोनी के शव के पास रो रहे रमेश ने पुलिस को बताया कि 28 जनवरी को बेटी का जन्मदिन था। चित्रा ने खुद टीका कर केक कटवाया और पड़ोसियों व रिश्तेदारों संग खुशी मनाई थी।