लखनऊ। इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिकल से आईटीआई करने वाले विद्यार्थियों के लिए तो निजी संस्थानों में रोजगार के अवसर हैं, लेकिन ड्रेस मेकिंग, स्वीइंग टेक्नोलॉजी (सिलाई तकनीक), सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस कोर्स में रोजगार के अवसर न होने से इन कोर्सों में छात्राएं प्रवेश लेने की इच्छुक नहीं हैं। राजकीय आईटीआई में चल रहे इन पाठ्यक्रमों में इस बार भी 50 फीसदी सीटें खाली रह गई हैं।
राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद परिषद ने अपनी वेबसाइट पर अलग-अलग आईटीआई पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सूची जारी की है। इसमें अलीगंज राजकीय आईटीआई में 25-25 सीटों पर स्टेनोग्राफर, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस कोर्स में प्रवेश होते हैं। सत्र 2024-25 में केवल 15 सीटों पर ही प्रवेश हो सके। चारबाग आईटीआई में स्वीइंग टेक्नोलॉजी कोर्स में 40 में से 20 सीटें खाली हैं। इसी तरह मलिहाबाद राजकीय आईटीआई में संचालित ड्रेस मेकिंग में भी 40 सीटों के सापेक्ष 21 सीटें खाली रह गई हैं।
इन पाठ्यक्रमों में पढ़ रहीं छात्राओं ने बताया कि आधुनिक मांग के आधार पर टेक्नोलॉजी में बदलाव हो रहे हैं, लेकिन ड्रेस मेकिंग व अन्य पाठ्यक्रमों में बदलाव नहीं हो रहे हैं। यही वजह है कि निजी कंपनी और संस्थानों में रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। इन कोर्सों में बदलाव की जरूरत है।
अलीगंज आईटीआई के प्रधानाचार्य राजकुमार यादव ने बताया कि एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स हैं। पाठ्यक्रमों के आधार पर कंपनी में नौकरी न होने से विद्यार्थी प्रवेश लेने में इच्छुक नहीं होते हैं। हालांकि, मांग के आधार पर नई तकनीकी के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी जा रही है।