आज जब तीनों तेलीबाग पहुंचे तो उनकी आवाज तक नहीं निकल रही थी क्योंकि सुबह से पेट में निवाला भी नहीं गया था। कहीं कुछ मिला ही नहीं तो थककर सड़क किनारे बैठ गए और बोले, हमें सुल्तानपुर जाना है। बस किसी तरह घर मिल जाए।
शिवा ने बताया पिछले 10 दिनों से उन तीनों का मोबाइल स्विच ऑफ था। कहीं चार्ज करने का मौका नहीं मिला। घरवाले भी पता नहीं किस चिंता में होंगे। आसपास के लोगों ने उन्हें भोजन कराया। तीनों की हालत देख वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक था। पैरों में फफोले देख कोई पत्थर दिल भी पिघल जाता।
लोगों ने तीनों को सुल्तानपुर जाने की व्यवस्था कराकर भोजन के पैकेट भी दिए। तीनों का कहना था कि घर में रहकर नमक-रोटी खा लेंगे मगर इतनी दूर मजदूरी करने नहीं जाएंगे। बोले, ईश्वर कभी किसी को ऐसे दिन न दिखाए।