बारिश से गोमती नदी पर कुड़ियाघाट पर बनाए गए अस्थायी बंधे के टूटने का खतरा मंडराने लगा है। बंधा टूटा तो राजधानी की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो सकती है। लिहाजा सिंचाई विभाग हाई अलर्ट पर है।
बारिश की वजह से रविवार को पूरे दिन गोमती नदी में पानी की आवक बढ़ती गई। सिंचाई विभाग का दावा है कि पानी की आवक बढ़ते ही इसे दुरुस्त करवाना शुरू कर दिया गया। वहां पानी का दबाव कम करने के लिए बंधे के बगल से बनाई गई बाईपास नहर से पानी की निकासी तेज कर दी गई।
देर रात तक मौके पर काम करवाते रहे सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता रूप सिंह ने बताया कि बंधा निश्चित रूप से खतरे में है। उन्होंने ने कहा कि बंधे को बाढ़ या तेज बारिश से बचाने लायक नहीं बनाया गया है।
इसे नदी की सफाई के मद्देनजर कुछ हफ्ते पानी को रोकने के लिए बनाया गया। उन्होंने कहा, अगर बारिश इसी तरह जारी रही और बहाव तेज हुआ तो बंधे को गंभीर नुकसान हो सकता है।
... तो पीने के पानी की हो सकती है किल्लत
राजधानी को हर रोज 350 एमएलडी पानी की जरूरत होती है। यह पानी कुड़ियाघाट से 4 किमी पहले मौजूद गऊघाट के निकट बने पंपिंग स्टेशन के जरिये गोमती से लिया जाता है। गोमती की सफाई केदौरान नदी को खाली किया जा रहा है, इसके लिए बैराज खोल दिया गया है।
लेकिन गऊ घाट पर पानी की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए कुड़ियाघाट पर बंधा बनाया गया है। अगर यह बंधा टूटा तो गऊघाट से भी पानी बहकर बैराज की ओर से निकल जाएगा। ऐसी दशा में बैराज बंद करने पर भी खाली हो चुकी नदी को फिर से भरने में 4 दिन लग जाएंगे।
दो दिन और जारी रहेगा फुहारों का सिलसिला
राजधानी में शनिवार रात से गरज-चमक के साथ हो रही बारिश से ठंड लौट आई। बादल छाए रहने से रविवार को दिनभर धूप नहीं खिली। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस कम था।
वहीं दिन में 7 से 15 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से बही हवाओं ने सिहरन बढ़ा दी। शनिवार रात से रविवार शाम तक 27.7 मिमी. बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों तक बारिश की संभावना जताई है।
बारिश के चलते रविवार को लोगों को घरों में कैद रहना पड़ा। सड़कों पर लोग दिखे भी तो छतरियों और रेनकोट के साथ। दिनभर बारिश के चलते अधिकतम पारा एकदम से धड़ाम हुआ।न्यूनतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक 16.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। न्यूनतम और अधिकतम पारे के बीच महज 1.6 डिग्री सेल्सियस का अंतर होने से दिन भर सुबह जैसी ठंड बनी रही।