अयोध्या रोड पर चिनहट के पास खुला पड़ा नाला।
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लखनऊ। ठाकुरगंज में 12 जुलाई को खुले नाले में गिरने से पेंटर सुरेश लोधी की मौत के बाद भी पार्षद नालों की मरम्मत पर अपना कोटा खर्च करने के लिए तैयार नहीं हैं। इसे लेकर उनके अपने तर्क हैं। बुधवार को भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ बैठक की और 15वें वित्त मद से नालों का काम कराने का सुझाव दिया। पार्षदों ने बजट मंजूरी के लिए महापौर को प्रस्ताव देने की बात रखी।
यह बैठक बुधवार को अमर उजाला में पार्षद कोटे के 55 करोड़ रुपये पड़े होने के बाद भी काम न होने की खबर प्रकाशित होने के बाद हुई। बुधवार करीब 15 पार्षदों ने नगर आयुक्त के समक्ष नालों की मरम्मत और रुके हुए विकास कार्य कराने की बात उठाई। नगर आयुक्त ने कहा कि नालों की मरम्मत पर करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च होगा। सड़कों की मरम्मत पर भी लगभग इतना ही बजट पैचवर्क पर खर्च होगा, लेकिन नगर निगम के पास अभी इतना बजट नहीं है। इस पर पार्षद चुप्पी साध गए। किसी ने पार्षद कोटे के रुपयों से नालों की मरम्मत का प्रस्ताव तक नहीं रखा। इसकी जगह उन्होंने सुझाव दिया कि 15वें वित्त से बजट खर्च किया जाए। 15वें वित्त के बजट का आवंटन महापौर को करना है, ऐसे में उनको प्रस्ताव देकर बजट अनुमोदन कराया जाए।
बैठक में पार्षद मुन्ना मिश्रा, प्रमोद राजन, मुकेश सिंह मोंटी, पार्षद पति संतोष राय, पार्षद प्रतिनिधि पंकज पटेल, राजीव त्रिपाठी ने इस बात पर आपत्ति जताई कि पार्कों के रखरखाव के लिए मानक से कम दर पर टेंडर आए हैं। ऐसे में काम गुणवत्तापरक नहीं होगा। पार्षदों ने कहा कि पहले से यह व्यवस्था है कि 15 प्रतिशत कम दर तक ही टेंडर मान्य किए जाएंगे। ऐसे में जो टेंडर 15 प्रतिशत से भी कम दर वाले हैं, उन्हें निरस्त किया जाए।
भाजपा पार्षद मुकेश सिंह मोंटी, भवानीगंज वार्ड की पार्षद के प्रतिनिधि संतोष राय, राजीव त्रिपाठी ने कहा कि पार्षद कोटे की फाइलें महीनों में पास हो पाती हैं। वहीं, कोटे से बहुत से काम कराने होते हैं। यदि नाले का काम कराया जाए तो पूरा बजट उसी में खर्च हो जाएगा। ऐसे में महापौर को 15वें वित्त मद से बजट मंजूर करना चाहिए। पार्षदों ने कहा कि उनको उम्मीद है कि महापौर बजट मंजूरी कर देंगी।