450 साल बाद 3,500 गांव वालों के लिए ये दूसरा खुशी का मौका था, जब ये ऐलान हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत उनके गांव जयापुर को गोद लेकर सूरत बदल देंगे।
जयापुर प्रधानमंत्री मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में आता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, इससे पहले इस गांव की किस्मत मुगल काल में चमकी थी, जिसका जिक्र इतिहास के पन्नों में दर्ज है।
दूसरी बार ये गांव मोदी के वाराणसी दौरे के एक दिन पहले सुर्खियों में आया जब उन्होंने इस गांव को गोद लेने की औपचारिक घोषणा की।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर केके मिश्र बताते हैं, 'मुगल शासक औरंगजेब पर जब मंदिर तुड़वाने की सनक सवार थी उस वक्त उसके सैनिकों का ध्यान गांव के एक पुराने हनुमान मंदिर पर गया।'
बकौल मिश्र, ये मंदिर अनोखा था क्योंकि इसमें भगवान हनुमान काले रंग के थे। इसी वजह से ये मंदिर आज भी ‘काले हनुमान जी का मंदिर’ के नाम से जाना जाता है।
प्रोफेसर मिश्र बताते हैं, हालांकि गांववाले हार कहां मानने वाले थे उन्होंने मुगल सिपाहियों से बहादुरी से जंग की और उन्होंने भागने पर मजबूर कर दिया।