पीसीएस परीक्षा का पर्चा लीक होने के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों ही गिरफ्तारियां लखनऊ के कृष्णानगर इलाके से हुई। गिरफ्तार लोगों में से एक स्कूल का संचालक है और उसके दो अन्य साथी शिक्षक हैं। पीसीएस के दोनों पालियों के पर्चों को एक-एक लाख प्रति पेपर के ऐवज में दिया जाना रहा था।
एसटीएफ ने गिरफ्तार किए गए आदर्श भारतीय विद्यापीठ के संचालक विशाल मेहता, शिक्षक ज्ञानेंद्र सिंह व जय सिंह को कृष्णानगर कोतवाली में भेज दिया है। पूछताछ में तीनों ने कबूल किया उन्होंने पेपर लीक करने की योजना पहले से ही बना रखी थी और दोनों पालियों के पेपर की फोटो खींच कर चुनिंदा अभ्यर्थियों को पहुंचानी थी। इसके लिए जय सिंह ने कुछ लोगों ने संपर्क किया था, जो पेपर खरीदने के इच्छुक थे।
यह थी साजिश
स्कूल के संचालक विशाल मेहता ने एसटीएफ अफसरों को जानकारी दी कि उसे पता था कि पीसीएस परीक्षा का पेपर केंद्र (स्कूल) पर परीक्षा से एक घंटा पहले ही पहुंचा दिया जाएगा। जैसे ही परीक्षा शुरू होती और पेपर बांटे जाने की कवायद शुरू होती, वह मोबाइल फोन से फोटो खींच लेते और फिर अपने खास लोगों को वाट्सऐप के जरिए भेज देते।
विशाल ने बताया कि जय सिंह ने ही उससे इस काम के लिए वाट्सऐप एप्लीकेशन का इस्तेमाल करने की राय दी थी। बताया था कि इस एप्लीकेशन पर होने वाले आदान-प्रदान की जानकारी नहीं की जा सकती। विशाल ने बताया कि उसने अपने मोबाइल से फोटो खींच कर जय सिंह व ज्ञानेंïद्र सिंह दोनों को ही वाट्सऐप कर दिया था।
विशाल ने एसटीएफ को जानकारी दी कि पेपर के खरीदार जुटाने का काम ज्ञानेंद्र व जय सिंह का था। इन दोनों ने ही कुछ लोगों से संपर्क किया था, लेकिन किसी ने एडवांस नहीं दिया था। ज्ञानेंद्र ने एक अभ्यर्थी का नंबर बताकर उसे भी वाट्सऐप करने को कहा था। यह कहा था कि इस व्यक्ति से पूरी रकम मिल जाएगी। जय सिंह ने इस नंबर पर वाट्सऐप कर पेपर की फोटो भेज दी थी।
खरीदारों में ही कोई एक था एसटीएफ का मुखबिर
पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल करने व पेपर लीक कराने के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से कई में एसटीएफ ने पेपर लीक कराने वाले भिन्न गिरोहों के सदस्यों को दबोचा है।
इसी वजह से एसटीएफ पीसीएस परीक्षा पर पहले से ही नजर रख रही थी और उसके कई मुखबिर पेपर लीक कराने वालों की तलाश में थे। एसटीएफ के मुखबिर के पास जैसे ही पेपर पहुंचा, उसने अफसरों को जानकारी दे दी, जिसके फौरन बाद एसटीएफ हरकत में आ गई।
एसटीएफ के हरकत में आते ही यह बात आम हो गई कि पीसीएस परीक्षा की प्रथम पाली का पर्चा लीक हो गया है।
विशाल ने बताया कि पेपर लीक होने बात का खुलासा होने की जानकारी मिलते ही उसने जय सिंह व ज्ञानेंद्र से बात की उन तीनों ने अपने-अपने मोबाइल फोन से वाट्सऐप के मैसेज डिलीट कर दिए, जिससे उनके खिलाफ कोई सबूत न मिल सके। लेकिन, चूंकि एसटीएफ के मुखबिर पर वाट्सऐप मैसेज के साथ ही मोबाइल का नंबर भी आ गया था, लिहाजा एसटीएफने इन तीनों को दबोच लिया।