वर्ष 2010 बैच के आईपीएस कलानिधि नैथानी को राजधानी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभालने के साथ लविवि प्रकरण के साथ संस्कृति राय हत्याकांड के साथ अनेक अनसुलझी वारदातों का सामना करना पड़ेगा। कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था पटरी पर लाना भी उनके लिए चुनौती होगी।
पॉलीटेक्निक छात्रा संस्कृति राय हत्याकांड के दो हफ्ते बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। घटना से आक्रोशित पॉलीटेक्निक छात्र चौराहे पर जाम लगाकर प्रदर्शन कर चुके हैं और अनेक स्वयंसेवी संगठनों ने भी प्रदर्शन कर कातिलों की गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस ने सैकड़ों से पूछताछ के साथ अनेक मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली। करीबी लोगों पर हत्या का अंदेशा जताने के साथ बलिया जाकर संस्कृति के परिवारीजनों से तहकीकात की। तीन संदिग्ध व्यक्तियों के ब्रेनमैपिंग व नारको टेस्ट के लिए अदालत से अनुमित मांगी है। फिलहाल कातिल का कोई सुराग नहीं लगा। ऐसे में हत्याकांड का खुलासा नए कप्तान के लिए चुनौती होगी।
इसके अलावा जानकीपुरम में दवा व्यवसायी मुकेश मिश्रा और गोमतीनगर में मुन्ना बजरंगी के करीबी ठेकेदार तारिक की हत्या का खुलासा भी चुनौती बना हुआ है। तालकटोरा में युवक की हत्या कर नाले में धड़ फेंककर फरार बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा है और न मारे गए युवक की शिनाख्त हुई है। पारा क्षेत्र का राजकुमार चौरसिया हत्याकांड अनसुलझा है। इसके अलावा चेन-पर्स लुटेरों और वाहन चोरों पर अंकुश लगाना भी चुनौती है।
उधर, तमाम प्रयासों के बाद भी यातायात व्यवस्था बेपटरी है। अतिक्रमण और सड़क पर गाड़ियां खड़ी होने से लोग रोजाना प्रमुख मार्गों पर जाम से जूझते हैं। वहीं, शहर की कानून व्यवस्था भी नए कप्तान के लिए चुनौती होगी।
विश्वविद्यालय में उपद्रव को लेकर शासन व हाईकोर्ट में पुलिस की फजीहत का सामना करते हुए हालात काबू में करने होंगे। शहर में आए दिन धरना-प्रदर्शन के साथ पुराने शहर की कानून व्यवस्था जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा।