नरेंद्र मोदी, अखिलेश यादव व मायावती।
जानकारी के मुताबिक, भाजपा ने एमएसपी के मुद्दे को लेकर गांव-गांव पहुंचने का फैसला किया है। पार्टी के कार्यकर्ता लोगों को खरीफ की फसलों के लिए घोषित समर्थन मूल्य का सूची देकर समझाएंगे कि भाजपा के पहले किसी सरकार ने एकमुश्त इतनी बढ़ोतरी कभी नहीं की। इसलिए जो विपक्ष केंद्र सरकार के इरादों पर सवाल खड़ा कर रहा है, उससे पूछा जाना चाहिए कि उसकी सरकारों को किसानों की समस्याओं की चिंता क्यों नहीं हुई।
भाजपा के लोग यह भी बताएंगे कि प्रदेश में राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने ही यूपी में धान की सरकारी खरीद शुरू की थी। उससे पहले गैर भाजपा सरकारों को किसानों की समस्या के समाधान की कोई चिंता ही नहीं रही।
भाजपा ने खेती-किसानी को फोकस करते हुए अब तक किए गए सभी फैसलों को भी लोगों के बीच पहुंचाने की रणनीति बनाई है। इसमें किसानों की कर्जमाफी, नीम कोटेड यूरिया से किसानों को खाद की समस्या से निजात दिलाना, खाद और बीज पर मिलने वाली सब्सिडी का सीधे किसानों के खाते में भुगतान, आपदा से फसलों के नुकसान की राहत राशि में बढ़ोतरी, मानकों में बदलाव करके ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ दिलाने जैसे फैसले शामिल होंगे।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि हमारी सरकार ने काम किया है तो उसे बताएंगे ही। किसानों के हित के लिए इतने फैसले कभी नहीं लिए गए, जितने भाजपा सरकार ने किए।