अधिकारियों से पूछा तो वही जवाब, ‘दिल्ली का निर्देश है।’ कुशवाहा को जेल में सूचना मिली कि इलाहाबाद में सीटी ट्रेनिंग कर रही उनकी दो पुत्रियों की फीस जमा न होने से पढ़ाई बंद होने की कगार पर है। खेती भी चौपट हो गई है। जीविका का कोई साधन न होने से घर की हालत भी बिगड़ गई है।
उन्होंने बहुगुणा को पत्र लिखा। पत्र मिलते ही बहुगुणा ने उनकी पुत्रियों को खर्च के लिए पैसे भेजे। फीस का पैसा भेजा और अधिकारियों से कहा कि भविष्य में फीस के कारण पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।’ ऐसा करना कम साहस का काम नहीं था। इंदिरा गांधी इस काम से उनसे और नाराज हो गईं।