वह गा तो रहे ‘आंखों में तेरी अजब सी अजब अदाएं हैं...’ मगर अदाएं तो उनकी आंखों की कातिल थीं,जो यहां मौजूद सैकड़ों दिलों पर क्या गजब बिजलियां गिरा रही थीं।
लखनऊ महोत्सव में शनिवार की शाम केके का जादू ऐसा चढ़ा कि भले ही लोग देर रात अपने घर पहुंच गए होंगे, मगर वह उन पर से उतरने को राजी नहीं था।
केके की क्या खास बात यह है कि वह जितने बेहतरीन कलाकार सुनने में लगते हैं,उनका स्टेज पर लाइव परफारमेंस और भी बेहतरीन है।
केके ने तो गजब ढाया। मेले की सबसे अधिक भीड़ शनिवार को थी और इस क्राउड के लिए बहुत ही खास रही ये रात। केके ने शाम का आगाज कुछ हल्के हल्के गीतों से किया। उन्होंने शुरुआत ‘कैसे समझाऊ तूझे तू मेरा पहला प्यार है, ये आखों में ऐतबार है...’ से की।
इसके बाद ‘ओ जानिया सुनियो रे, ओ हमदम सुनियो रे...’ से पब्लिक को खुद के साथ बाखूबी जोड़ा। इसके बाद ‘दिल इबादत कर रहा है...’ और ‘आवारापन बंजारापन...' से तो मानो जनता को झूमने पर ही मजबूर दिया।
युवाओं के हाथ में स्मार्टफोन आ चुके थे और उनके फ्लैश लगातार चमक बिखेर रहे थे। लोगों को फोटो खींचने में आसानी हो,इसके लिए वे खुद ही स्टेज से उतर कर पब्लिक के बीच आ गए।
इसी माहौल के बीच केके की आवाज गूंजी और उन्होंने गाया,‘तू ही मेरी शब है, तू ही दिल मेरा...’और शोर उठा, पैर की थिरकन तेज होती गई।
‘यारों दोस्ती बड़ी हसीं है’, जैसे गाया हाथ हवा में हिलने लगे और दोस्तों के हाथ आपस में मिल गए। फिर तो मानो समा ही बंध गया।‘ आंखों में तेरी अजब सी अजब सी अदाएं हैं...आशाएं आशाएं और यारों जी भर के जी ले पल, लगता है आजकल...’ से उन्होंने अपनी दीवानगी को कम तो नहीं होने दिया।
इसके बाद केके हांफ चुके थे और उनको जरूरत थी एक अदद ब्रेक की। ब्रेक के बाद जब वे आए तो पहले ही गीत ने यहां मौजूद लोगों के दिलों के तार झनझना दिए।
उन्होंने गाया, फिल्म हम दिल दे चुके सनम का वही मशहूर गीत, ‘तड़प तड़प के इस दिल से आह निकलती रही, कि लुट गए हम तेरी मोहब्बत में...।’
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