लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. नारायण प्रसाद के अनुसार पर्यावरण प्रदूषण, प्लास्टिक और विषाक्त पदार्थों की वजह से किडनी पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ रहा है। विभागाध्यक्ष किडनी दिवस के तहत आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
यह आयोजन नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और किडनी प्रत्यारोपण विभागों की ओर से राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो) के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वॉकथॉन से हुई, जिसका उद्देश्य किडनी स्वास्थ्य और मृत दाता प्रत्यारोपण के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. एमएस अंसारी ने गुर्दे की पथरी को किडनी विफलता का एक रोका जा सकने वाला कारण बताया और आहार में बदलाव पर जोर दिया।
एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने अंगदान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अंगदान कार्यक्रमों को मजबूत करने हेतु जागरूकता और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता बताई। निदेशक ने संस्थान में हाल ही में सफल मल्टी-ऑर्गन रिट्रीवल और प्रत्यारोपण की सराहना की। राज्य प्रत्यारोपण नेटवर्क की ओर से डॉ. हर्षवर्धन ने प्रदेश में सोटो की कार्यप्रणाली और अंगदान को बढ़ावा देने की पहल पर बात की। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने युवाओं को अंगदान जागरूकता में शामिल करने पर जोर दिया। नेफ्रोलॉजी की प्रो. अनुपमा कौल ने अंगदान के भावनात्मक महत्व पर बात की। इस मौके पर मृत दाता प्रत्यारोपण कार्यक्रम में योगदान देने वाले संस्थान परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया गया।