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हैल्दी रहना चाहते हैं तो जल्द से जल्द बदल दें अपनी ये आदतें

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किडनी रक्त को फिल्टर करके हमारे शरीर को अंदर से साफ रखने का काम करती है। किडनी के ठीक नहीं होने का मतलब है कि हम कई बीमारियों को दावत दे रहे हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ बातों को अपनाकर किडनी की बीमारियों से बचा जा सकता है।
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शरीर को स्वस्थ रखने के लिए किडनी सुपर-कंप्यूटर की तरह काम करती है। यह खून को फिल्टर करके सभी अंगों को शुद्ध रक्त की आपूर्ति करती है। रक्त छानने की प्रकिया के दौरान किडनी हमारे खून से अनावश्यक तत्व जैसे अतिरिक्त प्रोटीन, यूरिया, सोडियम, पोटेशियम, एसिड, अतिरिक्त पानी और विषैले तत्वों आदि को अलग कर देती है।

किडनी इन अपशिष्ट तत्वों को अलग करने के बाद मूत्र के रास्ते शरीर से बाहर कर देती है। हमारी किडनी एलिथ्रो प्रोटीन और आयरन को मिलाकर शरीर में नये लाल रक्त कण भी बनाती है। किडनी में बनने वाला विटामिन डी-3 कैल्शियम और फॉस्फोरस मिलकर हड्डियों को मजबूती देता है।
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यह विटामिन हड्डियों के लिए बेहद जरूरी है। हमारे रोजाना के खानपान में पोषक तत्वों और पानी की मात्रा घटती-बढ़ती रहती है। किडनी इनका संतुलन भी बनाए रखती है। भोजन व अन्य खाद्य पदार्थों के रास्ते शरीर में पहुंचने वाले पोटेशियम, मैग्नीशियम, क्लोराइड की मात्रा अगर बढ़ जाए तो इसकी वजह से कई तरह के रोग उत्पन्न हो सकते हैं, किडनी शरीर में इनकी मात्रा भी नियंत्रित रखती है।
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ऐसे डैमेज हो सकती है आपकी किडनी

किडनी में बनने वाले एंजियोटेन्सिन और एल्डोस्टेरॉन हार्मोन शरीर में रक्त एवं पानी की मात्रा और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं। अगर हम स्वस्‍थ आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो हमारे शरीर का यह सुपर कंप्यूटर कभी हैंग नहीं हो सकता।

रोजाना की दिनचर्या में अत्‍याधिक तनाव लेना, उचित नींद न लेना, हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। नींद की कमी और तनाव में रहने से ब्लडप्रेशर बढ़ता है, जिससे किडनी की कोशिकाओं को आराम नही मिल पाता और वह डैमेज हो सकती हैं।

जंकफूड, कोल्ड ड्रिंक, ज्यादा तला-भुना और जरूरत से ज्यादा भोजन ग्रहण करना नुकसानदायक है। इसी तरह मीट और प्रोटीन युक्त अन्य खाद्य पदार्थ ज्यादा मात्रा में लेना भी किडनी के लिए नुकसानदायक है। इनमें प्रोटीन और कोलेस्ट्रॉल अधिक होता है।

इस कारण खून से प्रोटीन को छानने में किडनी को अधिक कार्य करना पड़ता है। यह क्रम लगातार चलता रहे, तो किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है। शरीर में बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल किडनी के अंदर ही अंदर जमता रहता है, जिससे किडनी की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं और रक्त का प्रवाह असंतुलित होने लगता है।

रक्त संचार बाधित होने से किडनी की रक्त शुद्ध करने की प्रकिया बाधित हो जाती है, जिससे किडनी खराब होने के अलावा हार्ट एवं लिवर के लिए भी खतरा बढ़ जाता है। अगर हम कम पानी पीते हैं, तो इससे भी किडनी के ब्लड फिल्टर सिस्टम पर असर पड़ता है।
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इन बातों का भी रखें खास ध्यान

प्रचुर मात्रा में पानी न लेने से विषैले तत्व मूत्र के रास्ते बाहर नहीं आ पाते और किडनी की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। इसलिए रोजाना 2-3 लीटर पानी पीना जरूरी है। ज्यादा कॉफी पीना और नमक खाना भी ठीक नहीं है।
कॉफी में पाया जाने वाला कैफीन तत्व ब्लडप्रेशर को बढ़ाता है। ब्लडप्रेशर बढ़ने से किडनी को एक समय में तय मात्रा से ज्यादा खून को साफ करना पड़ता है। इससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।

जंकफूड, ज्यादा नॉन-वेज, नमक का अधिक सेवन, कम पानी पीना, सिगरेट शराब का अधिक सेवन, तनाव और देर से सोने जैसी आदतें किडनी को नुकसान पहुंचाती है। बीमारी के दूसरे या तीसरे स्तर तक इसके बारे में पता नहीं चल पाता और जब पता चलता है, काफी देर हो चुकी होती है।

स्वस्‍थ किडनी के लिए व्यायाम एवं योग जरूर करें। इससे किडनी को अधिक ऑक्सीजन मिलेगी और उसकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। ज्यादा चिकना, मीट, अंडा आदि को सीमित मात्रा में लें। संतुलित भोजन लें। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।

डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की समस्या है तो, इसे नजरअंदाज न करें। भूख ज्यादा या कम लगना, उल्टी सांस लेने में परेशानी होना, दौरा पड़ने जैसे लक्षण किडनी की बीमारी की ओर इशारा करते हैं। इसे नजरअंदाज न करें और चिकित्सक से तुरंत सम्पर्क करें।
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