फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आयुष्मान योजना के तहत इलाज में केजीएमयू अव्वल, 2091 मरीजों का किया उपचार

Wed, 25 Sep 2019 03:50 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
ayushman yojna - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
लखनऊ में आयुष्मान योजना में मरीजों का इलाज करने में किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यायल यानी केजीएमयू ने अव्वल है। यहां अब तक  2091 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। मंगलवार को एक महिला का घुटना बदला गया जबकि दो मरीजों को भर्ती किया गया है। इनका घुटना दो दिन बाद बदला जाएगा। 
विज्ञापन


आयुष्मान योजना शुरू होने के बाद एसजीपीजीआई में 870 और लोहिया संस्थान में 998 मरीजों का इलाज किया गया है। इसी तरह लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में 602 और सिविल अस्पताल में 600, बलरामपुर अस्पताल में 260 मरीजों का उपचार किया गया है। 

केजीएमयू के आयुष्मान प्रभारी डॉ. बालेंदु प्रताप ने बताया कि यहां मरीजों का दबाव अधिक है। ज्यादातर विभाग में आयुष्मान मित्र मौजूद रहते हैं। फिर भी किसी को दिक्कत हो तो वह पीआरओ ऑफिस में बने मुख्य काउंटर पर संपर्क कर सकता है।
विज्ञापन


फिर से चल सकेंगी शोभा देवी 
पडरौना निवासी शोभा देवी घुटने में आस्टियो आर्थराइटिस से पीड़ित थीं। वह करीब दो साल से चलने-फिरने में असमर्थ थीं। उनके घुटने में लगातार दर्द रहता था। केजीएमयू आई मरीज ने आर्थिक तंगी का हवाला दिया। 

बाद में बताया कि उसके पास आयुष्मान का कार्ड है। इस पर मरीज को 11 सितम्बर को भर्ती किया गया और 19 सितंबर को दाहिने पैर के घुटने को बदल दिया गया है। डॉ. संतोष ने बताया कि एक घुटना बदलने में करीब एक लाख रुपये खर्च होता है। कार्ड होने से महिला को धन नहीं खर्च करना पड़ा। 

कूल्हा बदलने पर मिली थी वाहवाही

केजीएमयू के डॉ. संतोष कुमार ने जनवरी में आयुष्मान योजना केतहत पहला कूल्हा बदला था। सीतापुर निवासी राजेंद्र कुमार का कूल्हा बदलने की सूचना पर बिल गेट्स ने ट्वीट करके भारत सरकार को बधाई दी थी। 

वार्ड में भर्ती हैं आयुष्मान के तीन मरीज
केजीएमयू के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में आयुष्मान योजना के तहत तीन मरीज भर्ती हैं। इसमें राजधानी के रिकाबगंज निवासी सकीना की बृहस्पतिवार को सर्जरी होनी है। वह कहती हैं कि आयुष्मान योजना से वह अपना घुटना बदलवा पा रही हैं अन्यथा उनकी आर्थिक स्थिति खराब थी।
विज्ञापन

आयुष्मान से जुड़े सवाल, नोडल अधिकारी के जवाब

सवाल- आयुष्मान का कार्ड कैसे बनेगा? 
जवाब- आयुष्मान का कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल जाएं। वहां मौजूद आरोग्य मित्र निशुल्क बनवाएंगे। इसी तरह जन सुविधा केंद्र में 30 रुपये देेकर बनवा सकते हैं। लाभार्थी अपने साथ राशन कार्ड अथवा प्रधानमंत्री पत्र (यह पत्र आशा, एएनएम के माध्यम से लाभार्थियों को बांटा गया है) एवं आधार कार्ड लेकर जाएं। जिन लोगों का नाम सूची में होगा, उन्हीं का कार्ड बनेगा।

सवाल- जिन लोगों को कार्ड मिले हैं, उनमें गलती है तो कैसे सुधरेगी?
जवाब- गोल्डेन कार्ड में कि सी तरह की त्रुटि है तो इस स्थिति में लाभार्थी को आवेदन पत्र देना होगा। गड़बड़ी सुधारने के संबंध में सभी साक्ष्य लगाना होगा। फिर उसे सीएमओ कार्यालय के नोडल अधिकारी, एबी- पीएमजेएवाई को भेजें। यहां आवेदन पत्र की जांच की जाएगी। फिर उसे राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ (साचीज) को भेजा जाएगा। वहां से सभी पत्रावलियों की पड़ताल करने के बाद गलत गोल्डेन कार्ड नष्ट करने व सुधारने का आदेश होगा। इसके बाद नया गोल्डेन कार्ड जारी किया जा सकता है।

शिकायत या सुझाव हो तो हमें बताएं
अमर उजाला ने एक अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य योजना में आ रही समस्याओं को सामने लाना और उसके निराकरण की दिशा में काम करना है। यदि आपकी कोई शिकायत या सुझाव हो तो हमें बताएं।
व्हाट्सअप - 8859108092
मेल -  chandrab@knp.amarujala.com
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें