किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के डॉक्टरों पर सीबीआई का शिकंजा कस सकता है। रोटोमैक कंपनी के चेयरमैन को बिना मर्ज कई माह तक भर्ती रखने के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। सीबीआई ने कोठारी की सभी जांच रिपोर्ट तलब करके दूसरे विशेषज्ञों से राय ली है। इसमें कोठारी को स्पाइन समेत दूसरी बीमारी की जद में न होने का दावा किया गया है।
वहीं, विक्रम कोठारी केजीएमयू में डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल रिहैबिलेशन विभाग के प्राइवेट वार्ड में दो माह से भर्ती है। सीबीआई इन डॉक्टरों से जल्द पूछताछ कर सकती है।
करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी रोटोमैक समूह के चेयरमैन विक्रम कोठारी (70) ने मुंबई में रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन कराने के बाद हाथ-पैर में कमजोरी की शिकायत की थी। इसके बाद कोठारी को केजीएमयू के पीएमआर विभाग में भर्ती कराया गया। करीब दो माह से अधिक समय से वह प्राइवेट वार्ड में भर्ती होकर मौज कर रहा है।
कोठारी पर मेहरबान केजीएमयू डॉक्टरों पर सीबीआई की नजर टेढ़ी हो गई है। कोठारी से जुड़ी सभी जांच रिपोर्ट तलब कर पीजीआई-बलरामपुर अस्पताल के न्यूरो विशेषज्ञ को एक्सपर्ट राय के लिए बुलाया गया। इन्होंने कोठारी को किसी तरह की कोई परेशानी न होने का दावा किया है।
ऐसे में बिना मर्ज कोठारी को मौज कराने वाले डॉक्टरों पर सीबीआई का शिकंजा कस सकता है। केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार के मुताबिक, विक्रम कोठारी पीएमआर विभाग में भर्ती हैं, उनकी हालत में सुधार है। मेडिकल बोर्ड बनाया गया है। इसमें विशेषज्ञ अपनी राय देकर कोठारी की छुट्टी करेंगे।