केजीएमयू ने यह शोध उस वक्त किया था जब टीकाकरण का प्रतिशत बेहद कम था। इसके अनुसार टीकाकरण और गैर टीकाकरण के मामलों में मौत के प्रतिशत में ज्यादा अंतर नहीं था। टीकाकरण वाले ग्रुप में मौत का प्रतिशत 5.2 था तो गैर टीकाकरण वाले ग्रुप में यह 9.1 फीसदी था। उधर, गंभीर और गैर गंभीर संक्रमितों के मामले में यह अंतर करीब तीन गुने का था। दोनों ही समूह के मरीजों को 10 से 15 दिन अस्पताल में भर्ती किया गया।
सौ से ज्यादा केंद्रों पर सामान्य और 14 पर बूस्टर डोज
जनपद में इस समय सौ से ज्यादा केंद्रों पर कोविड का टीका लगाया जा रहा है। यहां हेल्थ केयर वर्कर और फ्रं टलाइन वर्करों के साथ 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को एहतियाती डोज भी दी जा रही है। वहीं, राजधानी के 14 निजी केंद्रों पर 18 से 59 वर्ष तक की आयु वालों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है। इसके लिए 386.25 रुपये देने होंगे।