केजीएमयू के विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों का पेट व छाती आपस में जुड़ी थी। लिवर का एक हिस्सा चिपका था। दोनों के बाकी अंग अलग-अलग थे। छाती की हड्डी भी काटी गई। डॉक्टरों ने कहा कि दोनों का दिल एक होता तो फिर एक को ही बचाया जा सकता था। लिवर अलग होने के साथ एक हिस्सा कॉमन जुड़ा था, जिसे हटा दिया गया।
ये डॉक्टर भी रहे शामिल
सर्जरी में गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ. अभिजीत चंद्रा, डॉ. विवेक, कार्डियो वैस्कुलर थोरेसिक सर्जरी विभाग के डॉ. अंबरीष कुमार, एनेस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष डॉ. जीपी सिंह, डॉ. विनीता और डॉ. सतीश वर्मा, पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. एस सिंह भी थे।