केएफसी के आउलेट से सेहत दांव पर लगाने वाले आइटम बेचे जा रहे हैं। एफसडीए टास्क फोर्स ने सोमवार को सहारा मॉल में संचालित केएफसी के आउटलेट पर छापेमारी की।
इस दौरान टीम को वैधानिक चेतावनी की अनदेखी समेत कई गड़बड़ियां मिलीं। यहां तक की वेज और नॉनवेज भी एक ही फ्रिजर में रखा मिला।
जांच टीम ने आउटलेट में इस्तेमाल हो रहे लिक्विड डेरी मिक्स, प्रीमिक्स व बेकिंग पाउडर के नमूने सील कर जांच को भेज दिए हैं। साथ ही संचालकों को वैधानिक नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में गड़बड़ियां दूर करने का अल्टीमेटम दिया है।
नोटिस में कहा गया कि तय समय के बाद फिर से बिक्री स्टोर की जांच की जाएगी। यदि कमियां मिलीं तो बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर आउटलेट पर ताला लगाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
मिलीं थीं खाद्य सामग्री से जुड़ी शिकायतें
सहारा मॉल में संचालित केएफसी रीटेल स्टोर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी व खाद्य सामग्री की बिक्री से संबंधित शिकायतें एफएसडीए मुख्यालय को मिली थीं।
इसके बाद सीएफएसओ अमरेश कुमार और मंडलीय एफएसओ नंद लाल समेत अन्य अफसर आउटलेट पर जांच करने पहुंचे।
जांच के दौरान टीम को स्टोर से बेचे जा रहे बर्गर, पॉपकार्न व चिकन पर मोनो सोडियम ग्लूटामेट की मौजूदगी और 12 साल से कम आयु के बच्चों की सेहत के लिए इसका सेवन नुकसानदायक होने की वैधानिक चेतावनी काफी छोटे और अपठनीय अक्षरों में दर्ज मिली।
जो उपभोक्ता को जल्दी दिखायी नहीं पड़ती। इसे एफएसडीए एक्ट के मानकों उल्लंघन मानते हुए संचालक को नोटिस देकर इसे दुरुस्त कराने को कहा गया है।
एक साथ स्टोर करते हैं वेज-नॉनवेज
एफएसडीए एक्ट में साफ तौर पर लिखा है कि वेज व नॉनवेज एक ही फ्रिजर में न तो स्टोर कर सकते हैं न ही एक ही बर्तन में पकाए जा सकते हैं।
इसके बावजूद मल्टीलेवल कंपनी का सेल्स आउटलेट होने के बाद भी केएफसी के स्टोर में मौजूद फ्रिजर में वेज व नॉनवेज बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री एक साथ ही एक फ्रिजर में रखी मिली।
गड़बड़झाला : पंजाब की एक फर्म से आता है चिकन
टीम की पड़ताल में सामने आया कि स्टोर पर प्रयोग होने वाला चिकन अमेरिका के किसी शहर से नहीं बल्कि पंजाब की ही मांसाहार सामग्री सप्लाई करने वाली एक फर्म से मंगा कर प्रयोग में लाया जा रहा था। इस संबंध में पूछताछ करने पर आउटलेट पर मौजूद प्रभारी कुछ भी बताने से असमर्थता जताता दिखा।
किचन-वॉशबेसिन-स्टोर की सफाई ही नहीं होती
किचन में लगे जिस वॉशबेसिन में खाद्य सामग्री को इस्तेमाल में लाने से पहले धोया जाता था, वहां आस पास काफी गंदगी मिली। इतना ही नहीं गंदे पानी की निकासी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कुकिंग स्टाफ भी निर्धारित ड्रेस की जगह गंदे कपड़ों में मिला।
पहले भी फेल हो चुका केएफसी का सैंपल
बीते साल भी एफएसडीए टीम ने फन माल के केएफसी आउटलेट में इस्तेमाल हो रहे खाद्य पदार्थों के नमूने जांच को लैब भेजे थे। इसमें चिकन पॉपकार्न व बर्गर में इस्तेमाल होने वाले स्वाद मसाले में मोनोसोडियम ग्लूटामेट की मात्रा तय मानक से अधिक पाई गई थी।
इन नमूनों को अनसेफ श्रेणी में फेल बताया गया था। बाद में कंपनी ने लैब जांच को चुनौती देते हुए एफएसडीए की केंद्रीयकृत लैब में नमूना जांच करवाई थी। यहां भी जांच में नमूना फेल पाए गए थे।
इसी मामले में बीते दिनों ही एफएसडीए की जिला इकाई ने आउटलेट प्रभारी व केएफसी कंपनी के खिलाफ एसीजीएम कोर्ट में सजा दिलाने को केस भी दर्ज कराया है।