लखनऊ में बीते कई दशकों से लगने वाला परंपरागत कतकी मेला डालीगंज पुल पर नहीं लगेगा। मेला चार नवंबर से लगना प्रस्तावित है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों के साथ-साथ डेढ़ माह तक बिगड़ने वाली यातायात व्यवस्था के मद्देनजर यह रोक लगाई है। यह जानकारी एडीएम सिटी पश्चिम संतोष कुमार वैश्य ने दी।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मेला आयोजन से जुड़े आयोजकों को बुलाकर कहा गया है कि वह अगर मेला आयोजित करना चाहते हैं तो इसके लिए कोई नया और सुरक्षित आयोजन स्थल चुन लें। चिह्नित स्थल पर नगर निगम सहित अन्य संबंधित विभागों की एनओसी के आधार पर ही प्रशासन इसके आयोजन की अनुमति पर विचार करेगा।
उन्होंने मनकामेश्वर मंदिर के समक्ष झूलेलाल घाट या कुड़ियाघाट पर कतकी मेला लगाए जाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। कहा गया कि इससे गोमती नदी के प्रदूषित होने के साथ मेला में हिस्सेदारी करने वालों की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती होगी। कार्तिक माह की पूर्णिमा से शुरू होने वाला डालीगंज का ऐतिहासिक कतकी मेला 40 दिन तक चलता है। क्षेत्रीय लोगों द्वारा गठित आयोजन समिति इसे 100 साल पुराना बताती है।