यूपी के 370 ब्लॉकों में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के पद खाली हैं। इस कारण केन्द्र व राज्य सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज की योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। लंबे अर्से तक परेशानी झेलने के बाद ग्राम्य विकास विभाग अब जागा है।
विभाग ने बीडीओ के रिक्त पद का प्रभार अन्य अधिकारियों को देने के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इस समय 824 में से 370 ब्लॉकों में बीडीओ के पद रिक्त हैं। विभाग का मानना है कि पद खाली होने से विकास कार्यों और राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो पा रहा है।
विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने सभी जिलाधिकारियों और मंडल आयुक्तों को बीडीओ के खाली पद पर अन्य विभागों के समकक्ष अधिकारियों को बीडीओ का प्रभार देने का निर्देेेश दिया है। बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार देने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।
इसमें मुख्य विकास अधिकारी और जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक को सदस्य बनाया गया है। श्रीवास्तव ने कृषि, अर्थ एवं संख्या, लघु सिंचाई, सहकारिता और पंचायतीराज विभाग में श्रेणी 2 स्तर के अधिकारियों को बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार देने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से दिया जाएगा। प्रादेशिक विकास सेवा संवर्ग में बीडीओ उपलब्ध होने, पदोन्नति से पद भरने या इससे पहले भी अस्थायी व्यवस्था को समाप्त किया जा सकता है।