कथक के लखनऊ घराने की मजबूत स्तंभ कपिला राज (65) का शुक्रवार को निधन हो गया। लिवर की बीमारी के कारण शुक्रवार सुबह ही उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया था।
पिछले महीने ही हालत बिगड़ने पर उन्हें पीजीआई में एडमिट कराया गया था, जहां से उन्हें 17 मार्च को डिस्चार्ज कर दिया गया था।
शुक्रवार को उनकी तबियत अचानक बिगड़ के बाद उन्हें फिर भर्ती कराया गया था। नृत्यांगना के पति पखावज वादक डॉ. राज खुशीराम मेडिकल कॉलेज में पिछले कई दिनों से भरती हैं।
नृत्य भूषण कपिला राज कथकाचार्य डॉ. लच्छू महराज की चहेती शिष्य और साली थीं। उन्होंने महज सात वर्ष की उम्र से ही कथकाचार्य से कथक सीखना शुरू किया।
प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद से उन्होंने ‘संगीत प्रभाकर’ की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने खुद का कथक विकसित किया, जिसमें लखनऊ घराने का पुट मिलता है।
वर्ष 1993 में उन्हें एसएनए द्वारा संचालित कथक केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी गई और उनके निर्देशन में कई कथक कलाकार उभरकर आईं।
उन्होंने अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म ‘नमक हराम’ को बतौर असिस्टेंट निर्देशित किया। इसके अलावा ‘धुंध’ और ‘एक नजर’ फिल्मों में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया।