आठ पुलिसकर्मियों की जान लेने के जिम्मेदार विकास दुबे से जुड़ा आधा गैंग साफ हो गया है। नामजद 21 अभियुक्तों में से 6 मुठभेड़ में मारे गए और तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि बाकी 12 की तलाश की जा रही है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि विकास दुबे गैंग के सफाये के लिए अभियान जारी रहेगा।
बीती 3 जुलाई को सुबह हुए एनकाउंटर में अतुल दुबे और प्रेम प्रकाश मारे गए थे। 4 जुलाई को सर्च अभियान में विकास दुबे के घर से 6 तमंचे, दो किलो विस्फोटक, 25 कारतूस और 15 देसी बम बरामद किए गए थे। पांच जुलाई को दया शंकर अग्निहोत्री पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। वहीं, 6 जुलाई को पुलिस ने सुरेश वर्मा, क्षमा और रेखा को गिरफ्तार किया गया था।
इसी तरह 7 जुलाई को संजय दूबे, श्यामू वाजपेई और जहान यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। इसी दिन अमर की पत्नी खुशी और शांति देवी नाम की महिला को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त विकास दुबे के मददगार दो पुलिस कर्मियों सब इंस्पेक्टर विनय तिवारी और केके मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
विकास दुबे गैंग के बाकी इनामी अपराधियों की तलाश तेज हो गई है। इनमें छोटू शुक्ला, मोनू, शशिकांत पंडित, शिव तिवारी, विष्णु पाल, राम सिंह, रामू वाजपेई, गोपाल सैनी, वीरू दुबे, शिवम, बाल गोविंद और बउवन शुक्ला शामिल हैं। इसमें से कुछ पर 25 हजार और कुछ 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था के मुताबिक इस घटना की जांच के दौरान 60 से 70 अन्य अभियुक्तों के नाम पर आए हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।