मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को कामधेनु डेयरी योजना का लोकार्पण और लखनऊ के दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ परिसर में स्थापित होने वाले आटोमेटिक दही प्लांट का शिलान्यास किया।
उन्होंने कुक्कुट विकास नीति के अंतर्गत 36 कुक्कुट यूनिटों की स्थापना के लिए चयनित उद्यमियों को स्वीकृति पत्र भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बसपा सरकार ने पांच साल तक किसानों को परेशान किया। उनके दूध मूल्य का बकाया भुगतान नहीं किया।
सपा सरकार ने किसानों के दूध के एक-एक पाई का भुगतान कर दिया है। यदि कहीं बाकी होगा तो उसका भी भुगतान कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ‘ग्रास टू ग्लास’ की ओर आ रही है।
मुख्यमंत्री कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दूध व दुग्ध उत्पादों का दो लाख हजार करोड़ से ज्यादा का कारोबार है लेकिन यहां के किसानों को इसका पूरा फायदा नहीं मिलता।
इसी तरह अंडे का कारोबार बहुत मुफीद है। उन्होंने मौजूदा दौर को ‘झटपट इकॉनमी’ का नाम देते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि पराग कंपनी को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होना होगा। सरकार प्रदेश के सभी मंडलों में सुपर स्पेशियलिटी पशु अस्पतालों की स्थापना जैसे प्रस्तावों पर विचार करेगी।
दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा ने बताया कि कन्नौज, आजमगढ़, फर्रुखाबाद व कायमगंज में डेयरी प्लांट की स्थापना होगी। लखनऊ, कानपुर, मथुरा, मेरठ, हापुड़, मुरादाबाद और वाराणसी में उच्च गुणवत्ता के दुग्ध उत्पादों को उत्पादन करने के लिए अवस्थापना सुविधाओं का विकास होगा।