शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को खुर्द बुर्द करने का मंसूबा पाले प्रदेश सरकार में शामिल और सरकार से बाहर के लोगों के इरादों को पूरा नहीं होने दिया जाएगा।
वक्फ संपत्तियों पर अनाधिकृत कब्जों व वक्फ बोर्ड में धांधली के खिलाफ उनकी तहरीक जारी रहेगी। सिरसी में आए मौलाना कल्बे जव्वाद ने कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां के शिया वक्फ बोर्ड के 14 सदस्यों को अपने पक्ष में नहीं होने की बात पर कहा कि मेरे साथ तो साढ़े सात हजार मुतवल्ली हैं लेकिन वोटर लिस्ट में धांधली करके उन्हें मतदाता नहीं बनाया गया है।
आजम के साथ अफसर भी शामिल
जव्वाद ने कहा कि इतना ही नहीं कुछ मुतवल्लियों की जायदादों पर नाजायज कब्जा कराकर उनकी आय को कम कर दिया गया है ताकि वह वोटर लिस्ट में शामिल न हो सकें।
आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्री की शह पर हो रहे ऐसे कार्यों में एक अफसर भी शामिल है। कहा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वह उनके साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
मौलाना ने कहा कि मैं किसी पार्टी में शामिल या समर्थक नहीं हूं। जो भी मुस्लिमों के हित, सच्चाई व इंसाफ की बात करेगा, वह उसका साथ देंगे।
उन्होंने कहा कि छह सितंबर को लखनऊ में बड़ी रैली जुल्म व जालिम के खिलाफ होगी। जिसमें सभी धर्मों के धर्म गुरु शामिल होंगे।
जव्वाद को कहा, इस्लाम के नाम पर कलंक
नगर विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आजम खां ने शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर तीखा पलटवार किया था।
मौलाना जव्वाद का नाम लिये बिना उन्होंने कहा था कि धार्मिक मंच से आरएसएस के एजेंडे का प्रचार करने वाला इस्लाम के नाम पर कलंक तो हो सकता है, पर धर्मगुरु नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा यह धर्मगुरु चाहते हैं कि आरएसएस मुसलमानों के साथ सीरिया व ईराक जैसा बर्ताव करे। आजम ने कहा, तथाकथित धर्मगुरु सीबीआई जांच के नतीजे आने का इंतजार करें।
वह वक्त दूर नहीं है जब वक्फ की जायदादों को से बेचे जाने में उनका, उनके परिवार और चहेतों के नाम सर-ए-फेहरिस्त होंगे।
जव्वाद ने जौहर यूनिवर्सिटी पर उठाए सवाल
कल्बे जव्वाद ने आजम खां द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी करार दिए जाने पर आजम की जौहर यूनिवर्सिटी पर सवाल उठाए थे, उन्होंने कहा था कि इस यूनिवर्सिटी में तालिबानियों का पैसा लगा हुआ है।
जिस पर आजम ने जवाब दिया था कि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ जहर उगलने वाले तथाकथित धर्मगुरु मुसलमानों को आरएसएस के हाथों बर्बाद कराना चाहते हैं।
लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि धार्मिक वेशभूषा धारण कर लेने से कोई मोहतरम नहीं हो जाता। कब्रों की जगह बेचने वाले वक्फ के मुहाफिज नहीं हो सकते।