कठौता झील में सिर्फ तीन दिन यानी 19 नवंबर तक की सप्लाई भर का ही पानी बचा है। ऐसे में 20 नवंबर तक शारदा नहर से बंद पानी की सप्लाई अगर नहीं शुरू हुई।
तो गोमतीनगर और इंदिरानगर के लाखों लोगों को पेयजल के भीषण संकट का सामना करना पड़ेगा। नहर की सफाई कार्य के चलते पिछले एक महीने से कठौता झील में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
गोमतीनगर और इंदिरानगर को पेयजल आपूर्ति कठौता झील से होती है। जलकल जीएम राजीव कुमार बाजपेई ने बताया कि साल में दो बार सिंचाई विभाग 20 से 25 दिन के लिए शारदा नहर की सफाई और रिपेयरिंग का काम करवाता है। ्
इसके लिए ज्यादा से ज्यादा एक महीने ही लिए जा सकते हैं। सिंचाई विभाग के एक्सईएन से जो लेटर दिया गया था उसमें 19 अक्तूबर से 15 नवंबर तक शारदा नहर की सफाई व रिपेयरिंग का काम होना बताया गया था।
जबकि 17 अक्तूबर को ही शारदा नहर से पानी की आपूर्ति पूरी तरह से रोक दी गई। लिहाजा 15 नवंबर को ही आपूर्ति बंद हुए पूरे 30 दिन हो चुके हैं। इसकी वजह से कठौता झील में अब सिर्फ 3 दिन का ही पानी शेष बचा है।
19 नंबवर तक ट्यूबवेल और झील से गोमतीनगर और इंदिरानगर में पानी की आपूर्ति होती रहेगी। मगर, सिंचाई विभाग की ओर से 20 नवंबर को आपूति शुरू करने की बात कहने पर संकट पैदा हो सकता है।
अगर 20 को भी नहर से पानी की आपूर्ति नहीं शुरू की गई तो गोमतीनगर और इंदिरानगर में पानी का संकट गहरा सकता है।
जीएम जलकल ने बताया कि शारदा नहर से पानी न मिलने के कारण अमूमन 3 घंटे की सप्लाई को घटाकर कहीं दो घंटे तो कहीं ढाई घंटे तक कर दिया गया है।
अगर आगे नहर से पानी नहीं मिला तो सप्लाई को 40 मिनट तक किया जा सकता है। उनका मानना है कि चूंकि ठंड काफी बढ़ गई है, इसलिए ज्यादा संकट नहीं होगा।
विकासनगर क्षेत्र के तीन इलाकों खुर्रमनगर, श्याम विहार और साकेत विहार में रविवार सुबह से पानी नहीं आया।इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, जलकल के अभियंता को स्थानीय लोगों ने कई बार फोन मिलाया लेकिन फोन उठा नहीं। खुर्रमनगर निवासी आरके तिवारी ने बताया कि सुबह जब टहलकर लौटे तो मालूम पड़ा कि पानी नहीं आया।
काफी देर तक आने का इंतजार किया। सुबह 10 बजे तक जब नहीं पानी नहीं आया तो जोन-3 स्थित जलकल के दफ्तर और कंट्रोल रूम में इसकी जानकारी दी। क्षेत्रीय जेई महाबीर मिश्रा को फोन मिलाया गया लेकिन फोन नहीं उठाया।