4 दिन, 26 मौतों और अदालत की फटकार के बाद आखिकार केजीएमयू के जूनियर डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को हड़ताल वापस ले ली। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान मरीजों के इलाज और मौतों पर जवाब मांगा तो केजीएमयू प्रशासन के पसीने छूट गए।
तब कुलपति प्रो. रविकांत, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. वीएन त्रिपाठी ने अदालत को बताया कि रेजीडेंट डॉक्टर्स की एसोसिएशन ने हड़ताल वापस ले ली है। इसी के बाद बृहस्पतिवार दोपहर अचानक सोशल मीडिया पर हड़ताल खत्म होने का मैसेज वायरल होने लगा।
इस बीच, हड़ताल के कारण बृहस्पतिवार को नौ और मरीजों ने दम तोड़ दिया। इससे इलाज के अभाव में दम तोड़ देने वाले मरीजों की संख्या 26 तक पहुंच गई।