शनिवार को खुदकुशी की कोशिश करने वाली केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की जूनियर डॉक्टर (जेआर थर्ड) डॉ. मनीषा ने सोमवार को दम तोड़ दिया। ट्रामा सेंटर की वेंटिलेटर यूनिट में भर्ती मनीषा के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। मामले में जूनियर डॉक्टर की बहन ने ट्रामा सर्जरी विभाग में कार्यरत जूनियर डाक्टर उधम सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट वजीरगंज थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के शिवनगर निवासी युवती केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में एमएस कर रही थी। अलीगढ़ मुस्लिम विवि से एमबीबीएस करने के बाद वह यहां प्रो. अंजू अग्रवाल की यूनिट पांच में बतौर जेआर थर्ड कार्यरत थी और बुद्धा हॉस्टल के रूम नंबर 309 डी में रहती थी। यह सिंगल बेड का कमरा है।
शनिवार की रात करीब 8:30 बजे वह दोस्तों को कमरे में बेहोश मिली। उसके साथी और ट्रामा सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टर उधम सिंह ने उसे ट्रामा सेंटर पहुंचाया। उसे गंभीर हालत में वेंटिलेटर यूनिट में रखा गया था। चिकित्सकों के मुताबिक उसने नस में हाई डोज इंजेक्शन लगा लिया था। यह इंजेक्शन ऑपरेशन के दौरान शरीर को शिथिल करने के लिए लगाया जाता है।
रविवार शाम से डॉ. मनीषा के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। सोमवार दोपहर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।