मार्फीन से हेरोइन बनाता था जुहेल, जेल में बंद साथी देता था केमिकल
लखनऊ। मार्फीन की तस्करी के साथ उससे हेरोइन बनाने का काम भी किया जा रहा था। क्योंकि, बाजार में मार्फीन के मुकाबले हेरोइन ज्यादा कीमती होती है। हेरोइन के निर्माण के लिए अधिक से अधिक मार्फीन आसपास के राज्यों से मंगाई जाती थी। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और दुबग्गा पुलिस की कार्रवाई में पकड़ा गया मुख्य आरोपी जुहेल इस नेटवर्क को छह मोबाइलों के जरिये चला रहा था। हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल उसे जेल में बंद उसका साथी पिंकू उर्फ जोगेश उपलब्ध कराता था। अब एएनटीएफ पिंकू से जुड़े सप्लाई नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।
एडीजी एलओ अमिताभ यश के मुताबिक, पूछताछ में जुहेल ने बताया कि हेरोइन बनाने में एसिटिक एनहाइड्राइड केमिकल का इस्तेमाल किया जाता था। मुरादाबाद निवासी पिंकू लंबे समय से इस केमिकल की सप्लाई करता रहा है। एएनटीएफ की बरेली यूनिट ने जुलाई 2026 में उसे 498 किलो एसिटिक एनहाइड्राइड के साथ गिरफ्तार किया था। वह अभी जेल में बंद है। इससे पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी उसे 2025 में गिरफ्तार कर चुका है।
छह मोबाइलों में मिले 2400 के करीब नंबर
जुहेल के घर से बरामद छह मोबाइलों में मार्फीन और हेरोइन खरीदने वाले डीलरों के नंबर मिले हैं। प्रत्येक मोबाइल में सप्लायर और डीलर के करीब 400 नंबर दर्ज थे। मोबाइलों में इस्तेमाल सिमकार्ड भी दूसरे लोगों के नाम पर पंजीकृत थे। पुलिस के मुताबिक, जुहेल इन्हीं मोबाइलों के जरिये अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। उसके साथ गिरफ्तार अनस, मांज, सुहैल और एक अन्य आरोपी दूसरे प्रदेशों में मादक पदार्थों की सप्लाई के लिए कार का इस्तेमाल करते थे, जबकि लखनऊ में बाइक से सप्लाई की जाती थी।
पिंकू की सप्लाई चेन खंगाल रही एएनटीएफ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जेल में बंद पिंकू का सप्लाई नेटवर्क देशभर में फैला है। एएनटीएफ अब यह पता लगा रही है कि उसके नेटवर्क से लखनऊ में कितने लोगों तक हेरोइन बनाने वाला केमिकल पहुंचता था। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने जानकीपुरम की सीता विहार कॉलोनी स्थित एक मकान में छापा मारकर हेरोइन बनाने की फैक्टरी पकड़ी थी। वहां से 6.275 किलो तैयार हेरोइन बरामद हुई थी और बबलू को गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में इस बात की आशंका है कि पिंकू के लोगों ने बबलू को भी हेरोइन सप्लाई की हो।