पुलिस-अधिवक्ता की रार फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से कोर्ट परिसर में धरने पर रोक के आदेश के बाद भी शनिवार को वकीलों ने सांकेतिक धरना दिया।
यूपी बार कौंसिल के पूर्व चेयरमैन व उत्तर प्रदेश अधिवक्ता महासंघ के अध्यक्ष अजय शुक्ल और बार कौसिंल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश चन्द्र अवस्थी के सीतापुर पहुंचने पर वकीलों ने सभा कर प्रकरण पर आगामी रणनीति बनाई।
इसके बाद पत्रकार वार्ता कर वकील समुदाय ने पुलिसिया कार्रवाई की निंदा करते हुए सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष करने के अलावा 15 नवंबर को सीतापुर में महापंचायत का एलान किया है। उधर, जेल भेजे गए दो आरोपी वकीलों की जमानत अपर सत्र न्यायाधीश धर्मेन्द्र पांडेय द्वारा निरस्त कर दी गई।
उच्च न्यायालय में दिवाली का अवकाश होने से अब इन आरोपी वकीलों की जमानत पर सुनवाई दीपावली के बाद ही संभव होगी। सीतापुर क्लब से अवैध कब्जा हटाने के दौरान वकीलों और पुलिस में जिला जज के चैंबर में झड़प हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में दो नामजद वकीलों चन्द्रभाल गुप्ता व दीपक राठौर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके बाद से शहर का माहौल लगातार गरमाता जा रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा कोर्ट परिसर में वकीलों के धरने पर रोक के आदेश के बावजूद शनिवार को सांकेतिक धरना दिया गया। यूपी बार कौंसिल के पूर्व चेयरमैन व उत्तर प्रदेश अधिवक्ता महासंघ के अध्यक्ष अजय शुक्ल और बार कौसिंल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश चन्द्र अवस्थी के सीतापुर पहुंचने पर वकीलों ने सभा कर अगली रणनीति तय की।