वाणिज्यकर विभाग में जल्द ही 315 अमीनों की भर्ती होगी। इनमें से 150 नियमित अमीन प्रदेश के 20 बड़े जिलों में और शेष 55 जिलों में 165 सीजनल अमीन भर्ती किए जाएंगे। दरअसल, विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने की घोषणा की थी।
इसके तहत राज्य सरकार ने हाल में करीब 85 लाख किसानों का कर्ज माफ किया। इसके लिए सरकार ने अपने संसाधनों से करीब 36 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की थी। इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। इसे कम करने के लिए सरकार का फोकस अब राजस्व वसूली पर है। चूंकि वाणिज्य कर विभाग सर्वाधिक राजस्व देता है।
लिहाजा इस विभाग पर वसूली का भी सर्वाधिक दबाव है। इसके मद्देनजर पिछले दिनों वाणिज्य कर विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। इसमें विभागीय अधिकारियों ने यह मुद्दा उठाया था कि जब तक अमीनों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी, तब तक राजस्व वसूली की स्थिति में सुधार नहीं हो सकता है।
इस पर अपर मुख्य सचिव आरके तिवारी ने विभाग के नियमित अमीनों के रिक्त पदों पर भर्ती का निर्देश दिया था। साथ ही कहा था कि जिन जिलों में नियमित अमीन के पद नहीं है, वहां सीजनल अमीन नियुक्त करने का भी प्रस्ताव तैयार कराया जाए। इस आधार पर विभाग अब इन दोनों श्रेणियों में अमीनों की भर्ती का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसे एक-दो दिन में अंतिम रूप देकर अगले सप्ताह तक शासन को भेज दिया जाएगा।