मेट्रो प्रोजेक्ट में नौकरी की आस लिए बैठे लोगों के लिए अच्छी खबर है।
जल्द ही परियोजना में भर्तियां शुरू होंगी। इसकी शुरुआत ठेकेदार कंपनी एलएंडटी लिमिटेड के जरिए टेक्निकल जॉब्स देने से होगी।
एलएमआरसी में भी बहुत जल्द जूनियर इंजीनियर समेत 15 पदों के लिए नियुक्तियां होनी हैं।
सबसे अधिक भर्तियां 2015 के मध्य से शुरू होंगी। आठ स्टेशनों पर होने वाले कामों को करने के लिए राजधानी में करीब 4000 नौकरियां एलएमआरसी की ओर से सृजित की जाएंगी। हालांकि ये सारी नौकरियां कांट्रेक्ट पर होंगी।
एलएंडटी ने कर दी भर्तियों की शुरुआत
एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव कहते हैं कि प्रोजेक्ट के तहत होने वाली भर्तियों की शुरुआत एलएंडटी ने कर दी है।
आने वाले समय में जब काम तेजी से शुरू होगा, तो छोटे और मंझोले स्तर के तकनीकी जॉब्स एलएंडटी देगा।
इसमें क्रेन ड्राइवर, सुपरवाइजर, सिक्योरिटी, कैटरिंग और ऐसे कई अन्य विशेषज्ञों को रोजगार मिलेंगे।
जल्द ही जूनियर इंजीनियर की होगी भर्ती
एमडी कुमार केशव ने बताया कि, बहुत जल्द ही हम 15 नए कार्मिकों को एलएमआरसी में भर्ती करेंगे।
इनमें जूनियर इंजीनियर और अन्य कामों से जुडे़ फील्ड वर्कर शामिल होंगे। ये ऐसे काम करने वाले लोग होंगे जिनको एलएंडटी के साथ फील्ड में काम करना पड़ेगा।
एलएमआरसी में रेलवे से कुछ लोगों को डेपुटेशन पर भी लिया जाना है।
कई ट्रेड की मिलेंगी नौकरियां
एलएमआरसी के पहले चरण में आठ स्टेशन होंगे। पहले चरण में ही लगभग 4000 नौकरियां मिलेंगी। सभी नौकरियां कांट्रेक्ट पर ही मिलेंगी।
इसमें सिग्नलिंग, मेट्रो ड्राइवर, स्टेशन मैनेजमेंट, टिकटिंग, कंप्यूटर स्पेशलिस्ट, सिक्योरिटी, स्वीपिंग, एकाउंटेंसी, सामान्य ड्राइवर, मैनजमेंट से जुड़े युवा और अनेक अन्य तरह की ट्रेड में नौकरियां युवाओं को एलएमआरसी में मिलेंगी।
तीन साल और पांच साल के कांट्रेक्ट पर ये जॉब होंगे। जैसे जैसे राजधानी में मेट्रो रेल नेटवर्क आगे बढ़ेगा, जॉब्स भी बढ़ती जाएंगी।
20 से मेट्रो का काम शुरू
कानपुर रोड पर मेट्रो रेल परियोजना का काम सोमवार (20 अक्तूबर) से शुरू होने की उम्मीद है।
इस रूट पर पांच पिलर डाले जाने हैं। मेट्रो कार्य के लिए यहां डिवाइडर के दोनों तरफ 9-9 मीटर सड़क घेर दी जाएगी।
इससे यहां कुछ ट्रैफिक डायवर्जन की जरूरत होगी। इसको लेकर ट्रैफिक मैनेजमेंट का खाका लगभग तैयार है।
जहां-जहां डिवाइडर से सड़क घेरी जाएगी, वहां नो व्हीकल स्टॉपिंग जोन भी होगा। इससे गाड़ियां सड़क खड़ी नहीं रह सकेंगी।