राजधानी में मेट्रो ट्रेन भले ही 2017 में चले लेकिन जॉब का एक नया सेक्टर इसी साल खुल जाएगा। यानी युवाओं को नौकरी का एक और ऑप्शन मिल जाएगा।
2017 तक जॉब के लिए यह सेक्टर हॉट केक साबित होगा। तब तक कई एवेन्यूज खुल जाएंगे। यही नहीं, मेट्रो मार्केट का स्वरूप बदलेगी तो कारोबार का भी।
मेट्रो अपने साथ कई बदलाव भी लाएगी। मेट्रो स्टेशन वाले इलाकों में इसी साल से नए मार्केट डवलप होने लगेंगे।
मेट्रो की डीपीआर तैयार करने वाली संस्था दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के ही आकलन के मुताबिक स्टेशन वाले इलाकों में तीन गुना ज्यादा ग्राहक मिलेंगे। यानी कारोबार तीन गुना तक बढ़ जाएगा।
शहर का विस्तार भी होगा
मेट्रो के लिए जमीन अधिग्रहण से लोगों के पास पैसा आएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका ज्यादातर हिस्सा राजधानी में ही निवेश होगा वह भी प्रॉपर्टी में। यानी राजधानी का विस्तार होगा। रीयल एस्टेट कारोबार में भी बढ़ोतरी होगी।
मेट्रो चलने के बाद चारबाग से आलमबाग, लाटूश रोड, स्टेशन रोड और अशोक मार्ग पर ट्रैफिक कम हो जाएगा। ऐसे में वाहनों की औसत स्पीड 38 किमी प्रति घंटा हो जाएगी।
शहर के व्यस्ततम इलाकों में अभी वाहनों की औसत स्पीड 22 किमी प्रतिघंटा तक ही है। यानी पेट्रोल-डीजल की खपत घटेगी जिसका फायदा आपको मिलेगा। वहीं 40 फीसदी तक प्रदूषण घट जाएगा।
लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टूब्रो पहले साल में ही 4000 नौकरियां देगी। ये नौकरियां होंगी मेट्रो के इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट सेक्टर में। मेट्रो का काम जिस रफ्तार से बढ़ेगा, उतनी ही तेजी से इसका जॉब सेक्टर भी बढ़ेगा।
2017 तक मेट्रो के संचालन, सिग्नलिंग, ड्राइवर, स्टेशन मैनेजमेंट, टिकटिंग, आईटी, अकाउंटेंसी, सिक्योरिटी समेत कई एवेन्यूज इसके जॉब सेक्टर में शामिल हो जाएंगे।