लखनऊ। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान में 11 दिनों से खाली चल रहे निदेशक पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकी है। हालांकि, विशेष सचिव विजय कुमार ने 10 फरवरी को जितेंद्र कुमार को निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण करने का आदेश जारी कर दिया है।
जितेंद्र कुमार इस समय उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय, राष्ट्रीय एकीकरण, भाषा एवं समन्वय प्रशासन विभाग में अपर मुख्य सचिव पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। मालूम हो कि इससे पूर्व हिंदी संस्थान के निदेशक राज बहादुर 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गए थे, तब ये यह पद खाली था।
बुधवार को साहित्य गलियारों से लेकर हिंदी संस्थान तक इस बात की चर्चा होती रही कि निदेशक पद पर स्थायी नियुक्ति न होने से कामकाज पर असर पड़ेगा।