जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सत्तारूढ़ दल समाजवादी पार्टी का दबदबा तो साफ दिखा, लेकिन वह अपनों से ही हार गई। बृहस्पतिवार को 36 सीटों पर हुए चुनाव में 23 सीटों पर सपा समर्थित उम्मीदवारों का कब्जा रहा।
हालांकि तीन जिलों में सपा को अपने ही विधायकों के चलते हार का मुंह देखना पड़ा। सीतापुर में बागी विधायक रामपाल यादव के बेटे जितेंद्र यादव ने बड़े अंतर से जीत हासिल की तो बिजनौर में पार्टी की बागी विधायक रुचिवीरा के पति उदयनवीरा भी चुनाव जीतने में सफल रहे।
वहीं, उन्नाव में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर विजयी रहीं। तीनों ही जिलों में बागियों को काबू में करने के लिए सपा ने कोई कसर बाकी नहीं रखी।
चौतरफा दबाव बनाने के अलावा पार्टी से निष्कासित करने जैसी कड़ी कार्रवाई भी की, लेकिन सब बेअसर रहा। आखिरकार सरकार व पार्टी ‘अपनों’ के आगे बेबस साबित हुई।
38 सीटों पर पहले ही चुन लिए गए थे प्रत्याशी
बृहस्पतिवार को हुए चुनाव में भाजपा समर्थित 5, बसपा समर्थित चार और कांग्रेस समर्थित एक उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुल 74 सीटों में से 38 सीटों पर पहले ही निर्विरोध प्रत्याशी चुन लिए गए थे।
ऐसे में बाकी बची 36 सीटों के लिए दोपहर तीन बजे तक मतदान हुआ। घंटे भर में ही सभी जगह के परिणाम भी आ गए। उन्नाव में मुकाबला 26-26 से टाई हो गया तो परिणाम लॉटरी से निकालना पड़ा।
देखें किसे मिले कितने वोट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में सपा ने जीत दर्ज की। यहां से 26 वर्षीय अपराजिता ने कुल पड़े 48 मतों में से 30 वोट हासिल कर सपा का परचम लहराया।
कांग्रेस के हिस्से में केवल रायबरेली
पूरे सूबे में सिर्फ एक जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस का बना। या यूं कहा जाय कि वह खाता भर खोल सकी। वह भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के क्षेत्र रायबरेली में।
अंबेडकरनगर में 10, गोरखपुर में 11 वोट खारिज
आरोप लग रहे हैं कि सपा ने वोटिंग के दौर हर तरह के हथकंडे अपनाए। गोरखपुर में 11 वोट तथा अंबेडकनगर में 10 वोट निरस्त किए गए। वहीं, फर्रुखाबाद में तो 30 में सिर्फ नौ वोट ही पड़े। बसपा प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने अंबेडकरनगर जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है कि यहां डबल मार्किंग के नाम पर वोट निरस्त करवाए गए। वे इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
ये रहा पार्टियों व सीटों का लेखाजोखा
यहां भाजपा समर्थित जीते
मथुरा, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, महाराजगंज व फतेहपुर
यहां बसपा समर्थित जीते
अलीगढ़, हाथरस, शामली व मिर्जापुर
किसके कितने जिला पंचायत अध्यक्ष
कुल--74
सपा--59
भाजपा व बसपा--5-5
कांग्रेस व रालोद--1-1
बागी--03
36 सीटों पर हुई वोटिंग में
सपा--23
भाजपा--05
बसपा--04
कांग्रेस--01
बागी--03
देखें हाथरस, शाहजहांपुर के रिजल्ट
हाथरस में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर बसपा के विनोद उपाध्याय ने जीत हासिल की। वह पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई हैं। विनोद उपाध्याय को 13 वोट मिले वहीं सपा प्रत्याशी ओमवती को 12 वोट हासिल हुए।
जौनपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा के राज बहादुर यादव ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की। राज बहादुर यादव को 81 व प्रभावती पाल को 2 मत मिले । शाहजहाँपुर में सपा प्रत्याशी नीतू सिंह की हार हुई। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र यादव के पुत्र भाजपा प्रत्याशी अजय प्रताप सिंह छह वोट से जीत गए।
सीतापुर में बागी बसपा विधायक रामपाल यादव के बेटे जितेंद्र यादव ने सपा उम्मीदवार सीमा गुप्ता को पराजित कर दिया। इस पद के लिए 79 मतदाताओं वोट डाले गए।
जानें इन जिलों में कौन जीता...
गोरखपुर से सपा की उम्मीदवार गीतांजलि यादव की पांच वोटों से जीत हुई। हापुड़ में रजनीलता खटीक की एक वोट से जीत हुई। वहीं बरेली में सपा के संजय सिंह को 50 वोट मिले। प्रतिद्वंदी सागर को एक वोट मिला। एक वोट डाला नहीं गया और एक वोट निरस्त हो गया।
रायबरेली में कांग्रेस प्रत्याशी की बड़ी जीत
वहीं, रायबरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर एक बार फिर कांग्रेस ने कब्जा कर लिया। कांग्रेस प्रत्याशी अवधेश सिंह ने सपा प्रत्याशी प्रभात साहू को 10 मतों के अंतर से करारी शिकस्त दी।
कांग्रेस को 30 व सपा को मात्र 20 मत मिले। दो मत अवैध घोषित हुए। साढे़ तीन बजे चुनाव का परिणाम आते ही कांग्रेसियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सांसद सोनिया गांधी जिंदाबाद के नारे गूंजने लगे।
पुलिस ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोगों के जोश के आगे उसकी एक नहीं चली।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुने जाने के बाद अवधेश समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट से अपने आवास फिरोज गांधी कॉलोनी तक जश्न मनाते हुए पहुंचे।
52 जिला पंचायत सदस्यों ने मताधिकार का किया प्रयोग
डीएम न्यायालय में कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुवार सुबह 11 बजे से मतदान शुरू हुआ। 52 जिला पंचायत सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। कांग्रेस प्रत्याशी अवधेश सिंह और सपा प्रत्याशी प्रभात साहू के समर्थक जिला पंचायत सदस्यों ने अलग-अलग समूहों में कलेक्ट्रेट पहुंच कर मतदान किया।
एक जिला पंचायत सदस्य ने अकेले पहुंचकर मतदान किया। तीन बजे तक डीएम सूर्यपाल गंगवार व प्रेक्षक पीके श्रीवास्तव की देखरेख में मतदान के बाद मतगणना शुरू हुई।
मतगणना में दो मत अवैध घोषित कर दिए गए। कांग्रेस प्रत्याशी अवधेश सिंह को 30 और सपा प्रत्याशी प्रभात साहू को 20 मत मिले। डीएम सूर्यपाल गंगवार ने कांग्रेस प्रत्याशी अवधेश सिंह को 10 मतों से विजयी घोषित किया।
जीत की खबर मिलते ही जश्न में डूबे कांग्रेसी
जीत की खबर मिलते ही कांग्रेसियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कांग्रेस एमएलसी दिनेश सिंह सैकड़ों समर्थकों के साथ खुशी मनाते हुए कलेक्ट्रेट के गेट पर पहुंचे। जीत का प्रमाणपत्र लेकर बाहर पहुंचे अवधेश ने दिनेश सिंह के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। कलेक्ट्रेट के गेट से ही कांग्रेसियों ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया।
फिरोजगांधी कॉलोनी तक जश्न मनाते हुए पैदल ही एमएलसी के आवास तक पहुंचे। खुशी मना रहे कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि जिले में सपा के बढ़ते अत्याचार, गुंडई और भ्रष्टाचार को इस चुनाव से जवाब मिल गया है। पुलिस प्रशासन का भय दिखाकर सपा ने डीडीसी को प्रभावित करने का प्रयास किया। अवधेश सिंह को हराने के लिए पुलिस प्रशासन को भी हथियार की तरह इस्तेमाल किया।
आवास पर कई बार छापे मारकर दहशत फैलाने का प्रयास किया। जीत पर सांसद सोनिया गांधी के प्रतिनिधि केएल शर्मा , जिलाध्यक्ष उमाशंकर मिश्र, रमेश शुक्ल, विनय द्विवेदी, अशोक सिंह, नगर अध्यक्ष सईदुल हसन आदि ने खुशी जताई है।
... और फिर घर में ही रह गई अध्यक्ष की कुर्सी
जिला पंचायत अध्यक्ष बने अवधेश सिंह के अनुज बृजेश सिंह की पत्नी सुमन सिंह अब तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। एक बार फिर अवधेश सिंह के जीतने के बाद कुर्सी घर में ही रह गई।
पिछले पांच साल में विपक्ष ने कई बार सुमन को कुर्सी से हटाने का प्रयास किया।
कई बार अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली। यह दीगर बात रही कि सुमन सिंह जिला पंचायत सदस्य का चुनाव अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे प्रभात साहू से चुनाव हार गई थीं।
छावनी में तब्दील रहा कलेक्ट्रेट
चुनाव के दौरान कलेक्ट्रेट को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। इधर को जाने वाले सभी रास्तों को लॉक करके पुलिस तैनात की गई थी। किसी को भी प्रवेश नहीं दिया गया।
डिग्री कॉलेज चौराहे पर भी सुबह से ही भीड़ होने के कारण जाम लगा रहा। पुलिस जाम हटाती रही और जाम लगता रहा। सपा के मंत्री व विधायक समेत दिग्गज नेता अपने प्रत्याशी के समर्थन में डिग्री कॉलेज चौराहे पर समर्थकों के साथ डटे रहे।
चुनाव परिणाम के बाद डीएम सूर्यपाल गंगवार के कहा, जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शांतिपूर्वक व निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराया गया। सभी 52 डीडीसी ने मतदान किया। इसमें दो मत अवैध पाए गए। अवधेश सिंह को 30 मत मिलने पर 10 मतों के अंतर से विजयी घोषित किया गया। प्रभात साहू को 20 मत मिले हैं।
देखें, विजेताओं की पूरी लिस्ट
जिला----निर्वाचित अध्यक्ष----पार्टी
मेरठ----सीमा प्रधान----सपा
हापुड़----रजनी लता----सपा
मुरादाबाद----शलिता----सपा
रामपुर----लाखन सिंह----सपा
बरेली----संजय सिंह----सपा
पीलीभीत----आरती----सपा
आगरा----कुशल----सपा
फर्रूखाबाद----सगुना देवी----सपा
कन्नौज----शिल्पी----सपा
औरैया----राजवीर उर्फ राजीव कुमार----सपा
बांदा----निर्मला देवी----सपा
इन जिलों में इन्होंने हासिल की जीत
कौशाम्बी----मधुपति----सपा
इलाहाबाद----रेखा----सपा
प्रतापगढ़----उमाशंकर----सपा
सुलतानपुर----उषा सिंह----सपा
अंबेडकरनगर----सुधीर----सपा
बलरामपुर----रामवती----सपा
गोरखपुर----गीतांजली----सपा
कुशीनगर----हरीश----सपा
चंदौली----सरिता उर्फ सोनू----सपा
वाराणसी----अपराजिता----सपा
जौनपुर----राजबहादुर यादव----सपा
सोनभद्र----अनिल कुमार यादव----सपा
महाराजगंज----प्रभुदयाल----भाजपा
शाहजहांपुर----अजय प्रताप सिंह----भाजपा
भाजपा व बसपा प्रत्याशियों को भी मिली जीत
मुजफ्फरनगर आंचल----भाजपा
मथुरा----ममता----भाजपा
फतेहपुर----निवेदिता सिंह----भाजपा
अलीगढ़----उपेन्द्र सिंह----बसपा
हाथरस----विनोद कुमार----बसपा
मिर्जापुर----प्रमिला सिंह----बसपा
शामली----संतोष----बसपा (रालोद, कांग्रेस व भाजपा का भी समर्थन)
रायबरेली----अवधेश सिंह----कांग्रेस
उन्नाव----संगीता सिंह सेंगर----सपा के बागी
सीतापुर----जितेन्द्र यादव----सपा के बागी
बिजनौर----उदयनवीरा----सपा के बागी
(नोट-: इससे पहले 38 सीटों का निर्वाचन निर्विरोध हो चुका है। उसमें 36 सपा के एक रालोद व एक बसपा के प्रत्याशी शामिल हैं।)
महिलाओं का रहा दबदबा, 59 फीसदी सीटों पर जमाया कब्जा
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में महिलाओं का दबदबा रहा। महिला प्रत्याशियों ने 59 फीसदी सीटों पर जीत दर्ज की।
74 जिलों में हुए चुनाव में 38 सीटों पर प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। इनमें से 23 महिलाएं थीं। बाकी बची 36 सीटों पर बृहस्पतिवार को मतदान हुआ।
इनमें से 21 सीटों पर महिला प्रत्याशी विजयी रहीं। इस तरह कुल 74 सीटों में से 44 पर महिलाओं ने कब्जा जमाया है। केवल 30 सीटों पर ही पुरुष प्रत्याशी जीत दर्ज करा सके।
30 फीसदी जिला पंचायत अध्यक्ष ग्रेजुएट, 24 फीसदी पीजी
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के विजयी प्रत्याशियों में 55 फीसदी ने स्नातक या इससे ऊपर की पढ़ाई की है। इनमें से 24 फीसदी प्रत्याशियों ने परास्नातक की पढ़ाई की है।
हमीरपुर से वंदना व हाथरस से विनोद कुमार पीएचडी धारक हैं। वहीं 30 प्रतिशत विजयी उम्मीदवार स्नातक तक पढ़े हुए हैं।
11 फीसदी विजयी उम्मीदवार इंटर तथा आठ फीसदी हाईस्कूल तक पढ़े हुए हैं। 25 फीसदी विजयी उम्मीदवार हाईस्कूल से भी कम पढ़े हैं।
देवेंद्र सबसे युवा, बंशीधर सबसे बुजुर्ग
जिला पंचायत अध्यक्षों में बस्ती के देवेंद्र प्रताप सिंह सबसे युवा हैं। वे केवल 22 वर्ष के हैं। वहीं सबसे उम्रदराज जिला पंचायत अध्यक्ष लखीमपुर खीरी के बंशीधर राज हैं। वे 81 वर्ष के हैं। ये दोनों ही निर्विरोध चुने गए थे।