विधानभवन के सामने धरना-प्रदर्शन के कारण आए दिन लगने वाले जाम से अब लोगों को निजात मिलने वाली है।
प्रमुख सचिव गृह से हुई बातचीत के बाद जिला प्रशासन ने विधानभवन के सामने किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति न देने का फैसला किया है।
इसकी जगह धरना स्थल निर्धारित होने तक अंतिम तौर पर पांच हजार से कम संख्या वाले सभी धरना-प्रदर्शन की अनुमति गोमती नदी के किनारे झूलेलाल मैदान में आयोजित किए जाने की अनुमति मिलेगी।
जबकि इससे अधिक संख्या के धरना व रैली का आयोजन रमाबाई रैली स्थल पर किया जा सकेगा। एडीएम नगर पूर्वी विद्या शंकर सिंह ने बताया कि धरना-प्रदर्शन के लिए स्थाई तौर पर स्थल निर्धारण का फैसला शासन स्तर से होना है।
जिला प्रशासन ने छोटे धरना-प्रदर्शन के लिए लक्ष्मण मेला पार्क स्थल और बड़े धरना प्रदर्शनों के लिए रमाबाई अंबेडकर रैली स्थल सुझाया था।
इस मसले पर बीते दिनों जिला व पुलिस विभाग के अधिकारियों की प्रमुख सचिव गृह के साथ हुई बातचीत के बाद फिलहाल जिला प्रशासन ने विधानभवन के सामने किसी भी राजनीतिक अथवा गैर राजनीतिक संगठन को धरना प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने का फैसला किया है।
एडीएम नगर पूर्वी ने बताया कि इसकी जगह गोमती तटबंध के किनारे झूलेलाल पार्क में ही पांच हजार की संख्या वाले छोटे धरना-प्रदर्शन की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि हजरतगंज, विधान भवन व सीएम आवास के आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर पंडाल व मंच बनाकर किसी भी तरह के कार्यक्रम करने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।
फिर याद आया झूलेलाल पार्क
पूर्ववर्ती मायावती सरकार के समय विधानभवन के समक्ष धरना प्रदर्शन पर लगी रोक के बाद सभी तरह के आयोजन विवि मार्ग पर गोमती नदी के किनारे झूलेलाल पार्क में आयोजित करवाने की व्यवस्था लागू हुई थी।
बाद में यहां धरना-प्रदर्शन के कारण आए दिन होने वाले हंगामे से परेशान नदवा प्रशासन ने इसे हटाने की मांग की थी।
साथ ही इस स्थान पर आयोजित किए जाने वाले झूलेलाल जयंती कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन का आयोजन लक्ष्मण मेला पार्क स्थल पर करवाना शुरू किया था।