दिवाली पर्व की रौनक बाजारों में शनिवार से बढ़ गई। सराफा बाजार में खरीदारों ने 18 अक्तूबर को ही 10 करोड़ रुपये के गहने और पूजन आइटम की एडवांस बुकिंग कराकर धनतेरस से पहले धनतेरस मनाया।
ऐसे खरीदारों ने मनपसंद वैराइटी के लिए यह बुकिंग कराई और धनतेरस को सिर्फ डिलीवरी लेंगे।
कारोबारियों के मुताबिक 8 से 10 लाख रुपये कीमत के हीरे और सोने जड़े हार की खूब बुकिंग हुई। इनकी खरीदार धनतेरस पर डिलीवरी लेंगे।
चौक, अमीनाबाद, आलमबाग, हजरतगंज, निशातगंज, महानगर, भूतनाथ, गोमतीनगर जैसे सराफा बाजारों में शनिवार दोपहर बाद से खरीदारों के उमड़ने का सिलसिला शुरू हुआ जो देर शाम तक चला।
ये खरीदार गहनों एवं पूजन सामग्री की वैराइटी पसंद करके उसकी बुकिंग कराने आए थे।
कॉकटेल हीरे की रिंग की रही धूम
गोमतीनगर स्थित टीपी ज्वैलर्स के ओनर राजीव रंजन ने बताया कि सबसे अधिक कॉकटेल हीरे की रिंग बिक रही है।
यह 12,500 से 5 लाख रुपये कीमत तक की है। वहीं 1.50 लाख रुपये से 8.50 लाख रुपये कीमत के हीरे के हार सजे हैं।
आलमबाग स्थित श्री आरके ज्वैलर्स ग्रीन शोरूम के आरके गुप्ता ने बताया कि धनतेरस के लिए स्पेशल हीरे की रिंग तैयार की गई है।
कम से कम 10 हजार रुपये कीमत की यह रिंग खरीदारों को खूब भा रही है। दुकानों में अधिकतम सात लाख रुपये की कीमत के हीरे के हार भी सजे हैं।
500 से लेकर 50 हजार की लक्ष्मी पादुका
फतेहगंज के कारोबारी रवींद्र नाथ रस्तोगी ने बताया कि शनिवार को खरीदारों ने धनतेरस से पहले धनतेरस मनाया है।
लोगों ने गणेश-लक्ष्मी, सोने-चांदी के सिक्के, पूजा की थाली, मंदिर और सोने एवं चांदी के गिफ्ट आइटम की बुकिंग कराई।
दिवाली पर लक्ष्मी की पादुका की पूजा करने के बाद तिजोरी में स्थापित करने का प्रावधान है।
इसलिए खासतौर पर कारोबारी एवं धनी लोग गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों के साथ में पादुका को खरीदकर ले जाते हैं।
बाजार में यह पादुका 500 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक की हैं।
400 रुपये में लक्ष्मी-गणेश
सराफा बाजार में 600 से 4000 रुपये कीमत तक के लक्ष्मी-गणेश उतर चुके हैं।
कारोबारियों के मुताबिक सबसे कम वजन 5 ग्राम और अधिकतम 100 ग्राम वजन के गणेश-लक्ष्मी तैयार किए गए हैं।
चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव से इनकी कीमत भी घट-बढ़ सकती है। सर्वाधिक 5 से 10 ग्राम के गणेश-लक्ष्मी बिक रहे हैं।