जावेद अख्तर ने बताया कि हुआ कुछ यूं कि मेरी मां ग्वालियर चली गईं और मेरा जन्म भी वहीं हुआ। इस पर जब लोग पूछते कि मैं कहां का हूं तो खुद को लखनऊ का बताता। मैंने लखनऊ में एक लंबा अरसा गुजारा। कॉल्विन तालुकेदार से पढ़ाई की और लखनऊ को जीभरकर जिया। पर, अब लोगों को कौन समझाए कि बिल्ली ओवन में बच्चे दे दे तो उसे बिस्किट नहीं कहेंगे...।
इमरोज की पीठ पर अमृता लिखती थीं ''साहिर''
रेपर्टवा के शब्द मंच पर लक्ष्य माहेश्वरी ने अमृता प्रीतम के जीवन के किस्से सुनाए, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया। लक्ष्य माहेश्वरी ने बताया कि आजाद भारत का पहला लिवइन रिलेशनशिप अमृता व इमरोज का था। उन्होंने यह भी बताया कि जब स्कूटर पर अमृता इमरोज के साथ बैठती थीं तो इमरोज की पीठ पर अपनी उंगलियों से साहिर का नाम लिखा करती थीं। उनके बीच उत्कृष्ट स्तर का प्रेम था, जो दुनियावी चीजों से अलग था। लक्ष्य माहेश्वरी के किस्सों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।