राजधानी के जनसुविधा केंद्र संचालक आयुष्मान योजना में सहयोग नहीं कर रहे हैं। केंद्रों पर जाने वाले लोगों को लौटा दिया जा रहा है। ऐसे में गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। इस संबंध में सीएमओ ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी जनसुविधा केंद्रों को भी सौंपी गई है। इसके एवज में उन्हें 30 रुपया प्रति कार्ड भुगतान भी होता है। इसके बाद भी राजधानी के जनसुविधा केंद्र के संचालक गोल्डन कार्ड बनाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
विभिन्न जिलों में करीब 80 फीसदी कार्ड जनसुविधा केंद्र से बनाए गए हैं, लेकिन राजधानी में इनकी भागीदारी करीब 20 से 25 फीसदी ही है। लखनऊ में पंजीकृत 279930 परिवारों में 108609 परिवारों को गोल्डन कार्ड जारी किया गया है। अस्पतालों ने 86958 कार्ड जारी किए हैं, जबकि सुविधा केंद्रों से सिर्फ 21651 कार्ड बने हैं।
लगाते रहे केंद्रों के चक्कर, नहीं बने कार्ड
रश्मि खंड निवासी पिंकी आशियाना स्थित जनसुविधा केंद्र पर गोल्डन कार्ड बनवाने गईं तो वहां काम अधिक होने की बात कह कर लौटा दिया गया। दूसरे दिन पहुंचीं तो बताया गया कि नेटवर्क फेल है। इस वजह से कार्ड नहीं बन पाएगा। वह बगल में स्थित दूसरे जनसुविधा केंद्र गईं तो वहां भी कार्ड नहीं बनाया गया।