जिला कारागार में सुविधा शुल्क न देने पर उत्पीड़न की शिकायत पर मंगलवार को जिला जेल में तैनात जेलर अरुण मिश्रा को हटा दिया गया। उन्हें अब जिला जेल मऊ भेजा गया है। वहीं मिर्जापुर जेल से संबद्ध आदर्श कारागार के जेलर बीके गौतम को जिला जेल में तैनात किया गया है। डीजी जेल ने भाकियू के नेता की शिकायत पर जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच डीआईजी संजीव त्रिपाठी को सौंपी है।
25 सितंबर को भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी के प्रदेश अध्यक्ष मुशीर खान ने जिला जेल में बंद किसानों से वसूली का आरोप लगाते हुए डीजी जेल से शिकायत की थी। किसान नेता ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि जिला जेल में बंद किसान नेता गंगाराम, जितेंद्र और मनोरथ से जेलर ने जेल में काम न करने के बदले सुविधा शुल्क की मांग की थी। आरोप है कि पैसे न देने पर उन्हें सर्किल की पाकशाला मे भण्डारे पर लगा दिया गया।
किसान नेता की शिकायत मिलने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजी आनंद कुमार ने डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी को जांच के आदेश दिए। डीआईजी ने जेल पहुंचकर पीड़ित किसानों व जेलकर्मियों समेत अधिकारियों के बयान लिए हैं। डीआईजी मामले की रिपोर्ट तैयार कर डीजी को सौंपेंगे। अपर महानिरीक्षक डॉ. शरद कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, मऊ जेल में जेलर न होने के कारण अरुण मिश्रा को वहां भेजा गया है।
एलडीए ने बंद कराया जेलर के निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स का काम, भेजा नोटिस
गोसाईगंज-मोहलालगंज मार्ग पर खुजौली स्थित जेलर अरुण मिश्रा के निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स का काम मंगलवार को एलडीए ने बंद करा दिया है। यह कॉम्प्लेक्स मोहारी खुर्द स्थित जिला जेल से करीब तीन किमी खुजौली चौराहे के पास बन रहा था। एलडीए ने कॉम्प्लेक्स के निर्माण को नियम विरुद्ध बताते हुए निर्माण कार्य बंद किए जाने का नोटिस अरुण मिश्रा के नाम जारी किया है।