गाजीपुर थाना क्षेत्र के सर्वोदयनगर में एनजीओ संचालक का कत्ल किसी ढोलक मास्टर ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी ममेरे भाई के साथ मिलकर किया था। पुलिस ने गुरुवार को दोनों को गिरफ्तार करके वारदात का खुलासा किया है।
एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि चार अगस्त की रात सर्वोदय नगर की अवधपुरी कॉलोनी में एनजीओ संचालक जगदीश वर्मा (46) की हत्या के जुर्म में उसकी पत्नी पिंकी (28) व पीलीभीत के माधौटांडा थाने के कैसरपुर निवासी उसके ममेरे भाई विनोद कुमार लोधी (30) को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों ने कबूला कि उनके नाजायज प्रेम प्रसंग में बाधक बनने पर जगदीश की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की थी। पिंकी ने भतीजी के जन्मदिन के एक दिन पहले यानी 3 अगस्त को विनोद को फोन करके पीलीभीत से बुलाया।
दोनों ने पार्क में बैठकर हत्या की योजना बनाई। इसके बाद विनोद ने रेलवे स्टेशन पर रात गुजारी। अगले दिन जगदीश के काम पर जाने के बाद वह पिंकी के घर पहुंचा।
कई घंटे साथ गुजारे और जगदीश के लौटने से पहले चला गया। इसके बाद पिंकी अपने पति व बेटे के साथ डालीगंज में अपने भाई दीपक के घर गई।
भतीजी की बर्थडे पार्टी से लौटने पर जगदीश के सोने का इंतजार करती रही। देर रात विनोद को फोन करके बुलाया।
बेदर्दी से मार डाला
पिंकी और विनोद ने कबूला कि उन्होंने तकिया से जगदीश का मुंह दबाकर हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन ऐनवक्त जगदीश के जाग जाने पर विनोद ने हाथ से मुंह दबाया तो वह जान बचाने के लिए अंगूठा चबाने लगा।
प्रेमी को दर्द से बिलबिलाते देख पिंकी ने जगदीश के बाल पकड़कर पीछे खींचा। अंगूठा छूटने पर विनोद ने पास में रखे बैट से जगदीश के सिर पर हमला कर दिया।
इसके बाद गंभीर रूप से घायल जगदीश का दोनों ने गला दबाया। इसके बाद भी जीवित रहने की आशंका पर विनोद उसके गले पर पैर रखकर खड़ा हो गया और पिंकी पति की धड़कन बंद होने तक उसके सीने पर हाथ रखे रही।
बचपन में बंधवाई राखी, फिर शादी का ख्वाब
जगदीश की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार पिंकी व प्रेमी विनोद से पूछताछ के बाद सीओ गाजीपुर विशाल पांडेय ने बताया कि पिंकी अपने ममेरे भाई विनोद के साथ बचपन में एक ही स्कूल में पढ़ती थी।
विनोद सिर्फ कक्षा दो तक पढ़ा, लेकिन पिंकी ने हाईस्कूल पास किया था। बचपन में उसने अपने सगे भाइयों के साथ विनोद को भी राखी बांधी।
होश संभालने पर दोनों प्यार करने लगे। इसकी भनक लगने पर परिवार ने पिंकी को डालीगंज में रह रहे उसके भाइयों के पास भेज दिया।
बीयर व मॉडल शॉप में नौकरी करने वाले एक भाई को दस साल पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस दौरान जगदीश वर्मा का उसके घर आवागमन शुरू हुआ।
जगदीश ने गंभीर रूप से बीमार पिंकी का इलाज कराया। दोनों में प्रेम प्रसंग शुरू हुआ। इसके चलते जगदीश ने अपनी पत्नी से नाता तोड़ा और वर्ष 2004 में पिंकी से शादी कर ली।
उधर, विनोद का भी पिंकी से संपर्क बना रहा। उसने पिंकी के प्यार में शादी नहीं की थी। वक्त गुजरने के साथ जगदीश व पिंकी में खटपट शुरू हुई।
होली के मौके पर ननिहाल गई पिंकी ने विनोद को दुखड़ा सुनाया। पुराना प्यार फिर ताजा हो उठा। विनोद ने उसे सिमकार्ड दिलाया। दोनों में फोन पर बातचीत का सिलसिला शुरू होने के साथ जगदीश व पिंकी के बीच दूरी बढ़ने लगी।
ऐसे खुला कत्ल का राज
एसओ गाजीपुर नोवेंद्र सिंह सिरोही ने बताया कि वारदात की सूचना देने के साथ पिंकी ने जो कहानी सुनाई थी वह पुलिस के गले नहीं उतरी।
मोबाइल का कॉल डिटेल चेक करने पर पता चला कि पिंकी चार सिमकार्ड इस्तेमाल करती हैं। उसकी पीलीभीत के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र स्थित मिठाई की दुकान पर नौकरी करने वाले विनोद से बातचीत होती है।
कत्ल की रात भी उसने विनोद से बात की। इसके बाद दोनों का लोकेशन एक साथ रहा। एक दिन पहले भी दोपहर में दोनों काफी देर तक साथ रहे थे।
इस आधार पर पुलिस ने पिंकी की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उसके फोन पर कान लगाए तो राज उजागर होते चले गए।