यूपी की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को वक्फ संशोधन अधिनियम 2024 को लेकर जेपीसी की बैठक संपन्न गई है। जेपीसी बिल पर मुस्लिम धर्मगुरुओं और संगठनों से सुझाव और आपत्तियां ली गईं। बैठक में जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल, जेपीसी के सदस्य असदुद्दीन ओवैसी समेत 11 सदस्य शामिल हुए।
जेपीसी कमेटी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल का लखनऊ में यह दूसरा दौरा था। इससे पहले लखनऊ दौरे के दौरान मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरू और बुद्धिजीवियों से मुलाकात की थी। जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने मौलाना ख़ालिद रशीद फरंगी महली और मौलाना सैफ़ अब्बास से बिल के संबंध में लंबी चर्चा की थी।
बैठक में यूपी सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हमने बड़े व्यापक ढंग से अपना सर्वे किया है। अभी तक यूपी में वक्फ की संपत्तियों का कोई डाटा नहीं था। कोई आंकड़े नहीं थे। कितनी पंजीकृत है, कितनी गैर पंजीकृत है? यूपी की कितनी संपत्ति इंमोज कर रखी है। कितनी औसा संपत्ति है, जो सरकारी है और उसे वक्फ की संपत्ति होने का क्लेम किया जा रहा है। यूपी सरकार ने कहा कि जो सच्चर कमेटी ने कहा था कि 60 संपत्तियां सरकार की हैं।
जेपीसी अध्यक्ष कहा कि आज के दौर में लगभग हर रोज शिकायतें आती हैं कि वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग नहीं हो रहा है। कहा कि कई संपत्तियों का वक्फ होना था। लेकिन बाद में कुछ दूसरा हो जाता है। पीलीभीत में पांच हजार एकड़ जमीन है। कहीं एक जमीन 70 हजार एकड़ की है। इस पर सरकार ने कहा है कि हम कमेटी बनाकर इसे कस्टीट्यूड करते हैं।