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भाजपा का दामन थाम सकते हैं जगदंबिका पाल

Fri, 28 Feb 2014 09:26 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल शीघ्र ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
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वह कांग्रेस में अपनी अनदेखी से नाराज बताए जा रहे हैं। दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के पुत्र जितेंद्र बहादुर सिंह समेत कई नेताओं ने गुरुवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शुमार जगदंबिका पाल यूपीए-2 सरकार में वरिष्ठता के आधार पर वे मंत्री पद के दावेदार थे। मंत्री पद नहीं मिलने पर संगठन में अहम पद की दौड़ में शामिल हो गए थे।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर भी दावा जता रहे थे लेकिन यह जिम्मेदारी फैजाबाद के सांसद निर्मल खत्री को सौंप दी गई।

पाल के नजदीकी लोगों का कहना है कि मीडिया में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने के बावजूद उन्हें अखिल भारतीय स्तर पर प्रवक्ताओं के पैनल में शामिल नहीं किया गया।

प्रदेश कांग्रेस को लेकर होने वाले फैसलों में भी उनकी कोई भूमिका नहीं रही। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखी जरूर, लेकिन खास अहमियत नहीं मिली। ऐसे में पार्टी में बने रहने का औचित्य नहीं रह गया है।

ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस में उपेक्षा के साथ ही भाजपा के पक्ष में बनते दिख रहे माहौल को भांपते हुए पाल ने कांग्रेस को अलविदा कहने का मन बना लिया है।

सुषमा स्वराज और राजनाथ सिंह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं से उनके तार जुड़े हुए हैं। कभी भी भाजपा में उनके जाने का ऐलान हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से उनके बयान भी उनकी बगावत का संकेत दे रहे हैं।

बेनी प्रसाद वर्मा द्वारा टिकट बेचे जाने के सवाल पर पाल ने कहा कि बेनी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, सीडब्ल्यूसी मैंबर हैं। उनके आरोपों पर नेतृत्व चुप है, इसका मतलब आरोपों में सच्चाई है।

इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के पुत्र जितेंद्र बहादुर सिंह समेत कई लोगों ने गुरुवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

एक खेमा है नाखुश
जगदंबिका पाल को पार्टी में शामिल करने को लेकर भाजपा का एक खेमा नाखुश है। हालांकि अधिकृत तौर पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है।

लेकिन इस खेमे के नेताओं को 16 साल पहले की वह घटना याद है जब 21 फरवरी 1998 कोतत्कालीन राज्यपाल रोमेश भंडारी ने कल्याण सिंह सरकार को बर्खास्त कर दिया था।

उस समय जगदंबिका पाल को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। हालांकि 23 फरवरी को हाईकोर्ट ने कल्याण सिंह की बर्खास्तगी को अवैध बताते हुए इस पर रोक लगा दी।

जहां जिताऊ, वहां पुराने कार्यकर्ताओं को टिकट
कई नेताओं के पार्टी में शामिल होने और जगदंबिका पाल समेत कई अन्य लोगों के पार्टी में शामिल होने की संभावनाओं पर डॉ. वाजपेयी ने कहा कि पार्टी में सभी का स्वागत है।
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पार्टी लोकसभा टिकट देने में पुराने कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी, बशर्ते कि वे जिताऊ हों। उन्होंने पाल के पार्टी में शामिल होने की संभावना का न तो सीधे तौर पर खंडन किया और न पुष्टि।
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